जूनियर इंजीनियरों की एसोसिएशन ने सरकारी विभागों के जूनियर इंजीनियरों को दिए जा रहे परिवहन भत्ते की राशि को उनके साथ मजाक करार दिया है।
प्रतिदिन महज एक रुपये के हिसाब से महीने के 30 रुपये बतौर परिवहन भत्ते के प्रावधान पर एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन से कहा है कि यदि सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया, तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शुक्रवार को महानपुर में हुई डिप्लोमा होल्डर इंजीनियर एसोसिएशन की बैठक में परिवहन भत्ते का मुद्दा जोर-शोर से उठा। एसोसिएशन अध्यक्ष एसके वर्मा ने कहा कि जूनियर इंजीनियर का ज्यादातर काम फील्ड का होता है।
विभिन्न कार्यों के निरीक्षण के लिए रोजाना उनको फील्ड में जाना पड़ता है। पिछले तीस वर्ष से सरकार ने टीए के लिए प्रतिदिन एक रुपये के हिसाब से राशि तय की है।
आज जब चीजों की कीमत इतनी बढ़ गई है, परिवहन भत्ते के नाम पर दी जाने वाली यह एक रुपये की राशि, उनके साथ मजाक है। कहा कि सरकार के सामने एसोसिएशन न्यूनतम पांच हजार रुपये परिवहन भत्ते का प्रस्ताव रख रही है।
यदि सरकार ने भत्ता बढ़ाने की व्यवस्था नहीं की, तो महीने में 30 रुपये देने का प्रावधान भी खत्म कर दिया जाए। बैठक में उपाध्यक्ष जोगेश कुमार, सचिव संजीव शर्मा सहित अन्य कई पदाधिकारी मौजूद थे।