कठुआ/ज्यौड़ियां। अरुणाचल के कामेंग सेक्टर में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए जम्मू-कश्मीर के तीन सैन्य जवानों के गांवों में मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदारों और गांव वालाें को शहादत की खबर मिल चुकी है, लेकिन शहीदों के घर पर उनकी मां व पत्नी तक यह खबर पहुंचाने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही। कठुआ में लखनपुर से सटे जंडोर गांव के अरुण काटल शहीद हुए हैं। मां और पत्नी अरुण की सलामती की दुआ मांग रही है। घर के बाहर शहीद के भाई पहरा दे रहे हैं, ताकि कोई शहादत की सूचना न पहुंचा दे। वहीं, जम्मू के खौड़ में डोरी डगेर के जुगल किशोर व गांव चक मलाल निवासी सिपाही विशाल शर्मा के घर वालों को भी शहादत की खबर नहीं दी गई है।
अरुण काटल के घर पर उसकी मां और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। रविवार को ही अरुण के लापता होने की सूचना जैसे ही लखनपुर से सटे जंडोर स्थित उनके परिवार को मिली, परिवार के सदस्य भी बेचैन हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि अरुण काटल का पार्थिव शरीर वीरवार दोपहर गांव में पहुंचेगा। वहीं, खौड़ के गांव डोरी डगेर के शहीद निवासी जुगल किशोर शर्मा और चक मलाल निवासी शहीद विशाल शर्मा उर्फ बिशु की माताएं अभी भी बेटों की सलामती की दुआ मांग रही हैं। हवलदार जुगल किशोर शर्मा के परिवार में उसके बड़े भाई गौतम शर्मा तथा पिता रामपाल को ही जुगल किशोर शर्मा के शहीद हो जाने की जानकारी है, लेकिन अन्य परिजनों में शहीद की माता तथा पत्नी को अभी तक नहीं बताया गया है। शहीद के बड़े भाई गौतम शर्मा ने बताया कि हमें सेना की तरफ से जानकारी दी गई है कि पार्थिव देह शुक्रवार तक पहुंचेगी। मां और शहीद की पत्नी को शहादत की खबर दी गई तो दो दिन बिताने मुश्किल हो जाएंगे।
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सेना से सेवानिवृत्त विशाल के पिता की हो चुकी है मौत
गांव चक मलाल के शहीद विशाल के पिता भी सेना में थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका निधन हो गया था। अब परिवार में उसकी मां हैं। छोटी बहन की ढाई माह पहले ही शादी हुई है। अब विशाल की शादी की चर्चा चल रही थी। विशाल के सेना से सेवानिवृत्त चाचा राज कुमार शर्मा को ही अभी पता है कि उनका भतीजा शहीद हो गया। क्षेत्र के दो सैनिकों के एक साथ शहीद हो जाने को लेकर खौड़ उपजिले के पूरे क्षेत्र में मातम है। पूरा क्षेत्र शहीदों की पार्थिव देह पहुंचने का इंतजार कर रहा है। शुक्रवार तक पार्थिव देह गांव पहुंचने की संभावना है।