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पाइप लाइन टूटी हुई, बिजली ढांचा जर्जर, गलियों की हालत भी खस्ता, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं

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कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 11 में बिजली-पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हो पाई हैं। अब गर्मियां शुरू हो गई हैं तो लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। 70 साल पुरानी पाइप लाइन से यहां पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन लोगों के घरों तक पूरा पानी नहीं पहुंच रहा। पाइपें जगह-जगह से लीक हो रही हैं, पानी व्यर्थ बहता रहता है। यही नहीं बिजली ढांचा भी जर्जर हालत में है। तारों की हालात काफी खस्ता हो चुकी है, जरा सी हवा चलने पर टूट जाती है। वार्ड में कभी भी बिजली गुल हो जाती है। वार्ड की 5 हजार आबादी में से 25 प्रतिशत लोग पक्की गली की सुविधा से भी वंचित है। अगर पानी की निकासी के लिए कहीं नाली और नाले की व्यवस्था है तो उनकी हालत भी जर्जर है। वहां सफाई न होने से गंदगी का बोलबाला है। नालियों का पानी गलियों में बहता रहता है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। वार्ड में स्थित सार्वजनिक बावली भी लगातार अनदेखी का शिकार हो रही है। इसके चलते यहां रहने वाले लोग बदत्तर हालात में जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने कई बार संबंधित विभागों के समक्ष समस्याएं उठाईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
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कोट
वार्ड में नालियों की हालत ऐसी है कि कई स्थानों पर पता ही नही चलता है कि यहां पानी की निकासी के लिए कभी नालियों का निर्माण हुआ था। ऐसी हालत में नालियों से निकलकर गलियों में गंदा पानी बहना आम है। बरसात के दिनों में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। इसका समाधान कब होगा, इसका इंतजार है।
-राजेंद्र बख्शी, स्थानीय निवासी।
वार्ड में बिजली की सप्लाई वर्षों पहले लगाई गई खस्ताहाल तारों पर ही निर्भर है। जगह-जगह से सैकड़ों बार टूट चुकी इन तारों को बदले की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हर बार खराबी आने पर विभाग के कर्मचारी जोड़ लगाकर चले जाते हैं। आबादी बढ़ने के साथ वर्षों पुरानी इन तारों पर और ज्यादा लोड बढ़ गया है। वार्ड में बिजली कब गुल हो जाए, पता नहीं होता।
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-सोम राज, स्थानीय निवासी
वार्ड में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलशक्ति विभाग गंभीर नही है। यहां लगी पुरानी जर्जर पाइपों से हर समय पानी लीक होता रहता है, लेकिन विभाग इसे ठीक नहीं कर पाया। वहीं कई ऐसी भी गलियां हैं, जहां अभी तक पाइप लाइन पहुंची ही नही है। संकरी गलियों में बसे इस वार्ड के लोग पानी का टैंकर भी नहीं मंगवा सकते। ऐसे में लोगों को गर्मी के इस मौसम में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
-गुरप्रीत सिंह रैणा, स्थानीय निवासी।
वार्ड में स्थित प्राचीन बावलियां न केवल पानी की जरूरत को पूरा करती हैं, बल्कि लोगों की धार्मिक आस्था से भी जुड़ी हुई हैं। वर्तमान में बावली की हालत ऐसी है कि वहां सफाई न होने से पानी का यह प्राचीन स्रोत खत्म होता जा रहा है। जगह-जगह से गिर रही बावली की दीवारें उसका अस्तित्व खत्म कर रही है। उनके वार्ड में स्थित इस बावली का उपयोग साथ लगते वार्ड 12, 10 और 9 के लोग भी करते हैं। इतने महत्वपूर्ण स्थान की सुध नही ली जा रही है।
-मंजीत सिंह स्थानीय निवासी।
दो वर्ष पूर्व पार्षद की जिम्मेदारी संभालने के बाद वार्ड में करीब 80 लाख का निर्माण करवाया गया है। जिसमें एक डीप ड्रेन केेेेेे साथ गई गलियों का निर्माण शामिल है। अभी भी वार्ड में कई गलियों का निर्माण करवाए जाने की जरूरत है, लेकिन सीमित साधनों के कारण ऐसा संभव नही हो पाया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं बिजली पानी और सड़क जैसी समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। जिला प्रशासन को इस ओर संज्ञान लेना चाहिए।
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-करण सिंह जमवाल, पार्षद वार्ड 11
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