कठुआ। देश के अन्य हिस्सों की तरह कोरोना संकट में कठुआ जिले में ऑक्सीजन का संकट न गहराए, इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जीएमसी समेत जिले के तमाम सीएचसी में 800 के लगभग ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इन सिलिंडरों को भरने के लिए पठानकोट में एक रिफिलर से भी टाईअप कर लिया है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर रोजाना एक हजार सिलेंडरों तक की रिफिलिंग शुरूआती दौर में उपलब्ध रह सकेगी। जिला उपायुक्त राहुल यादव ने बताया कि ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए पांच मई तक जीएमसी में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को भी सक्रिय करने की तैयारी है। इससे सिलिंडरों की रिफिलिंग के बोझ को भी कम किया जा सकेगा। ऐसे में उपलब्ध सिलिंडरों को जिले के अन्य कोविड अस्पतालों में इस्तेमाल करने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप रैना ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास ऑक्सीजन कंसेंट्रेटरों के साथ-साथ जिले में कुल 75 के लगभग वेंटीलेटर भी उपलब्ध हैं। जीमसी कठुआ के बाद सीएचसी नगरी परोल में तीस बेड की सुविधा कोरोना के लेवल दो मामलों के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसे आने वाले दिनों में और भी बढ़ाए जाने की योजना है। जीएमसी में वर्तमान में उपलब्ध 30 बेड की क्षमता को 210 तक ले जाने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि बसोहली, बनी, बिलावर और हीरानगर में कोविड केयर सेंटर चिन्हित किए जा चुके हैं। जिन्हें जरूरत पड़ने पर सक्रिय किया जा सकेगा। जिले भर में आठ सौ लोगों के लिए कोविड केयर सेंटरों में व्यवस्था आने वाले कुछ ही दिनों में सुनिश्चित कर दी जाएगी।