कठुआ। जिला जेल में बंद कैदियों के जीवन में खुशी और उत्साह के साथ सकारात्मक सोच का विकास करने के लिए?आर्ट ऑफ लिविंग के तहत सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ किया गया।
रविवार को शिविर के पहले दिन आर्ट ऑफ लिविंग के भगवती प्रसाद और डॉक्टर नीतिन शर्मा ने कैदियों को बेहतर जीवन जीने के लिए और विषय-विकार से मुक्ति पाने के लिए?ध्यान का सहारा लेने को कहा। उन्होंने कहा कि जीवन तभी सफल है जब हम अपने साथ-साथ समाज के लिए?भी उपयोगी बन सकें।
वहीं इस मौके पर जिला जेल की अधीक्षक रजनी सहगल ने कहा कि समय के साथ जेलों के स्वरूप में भी परिवर्तन आया है। अब यहां कैदियों को बंदी गृह नहीं सुधार गृह का सदस्य समझा जा रहा है। इसी के तहत इस कार्यक्त्रस्म का आयोजन किया गया है, ताकि वह अपने पूर्व में किए गए?अपराधों का पश्चाताप कर सकें। साथ ही अपने भविष्य के जीवन को बेहतर बना सकें।