उधमपुर। जीएमसी उधमपुर में विश्व किडनी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को शरीर में किडनी के महत्व और इसमें होने वाले रोग से बचाव के तौर तरीकों के बारें में जानकारी दी गई।
रिसोर्स पर्सन डाॅ. नियाज अली मीर ने बताया कि किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसमें होने वाले रोग की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि किडनी का रोग एक साइलेंट किलर माना जाता है। इस रोग के शुरूआत में किसी तरह के कोई लक्षण नहीं होते हैं। रोग के अधिक बढ़ने पर उच्च रक्तचाप, यूरिन में ब्लड आना, शरीर में सूजन जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसलिए अगर किसी को भी किडनी से संबंधित कोई समस्या पेश आती है तो तुरंत डाॅक्टर से चेकअप कराएं। उन्होंने बताया कि रोग की शुरूआत में इसका पूरा इलाज संभव है। एडवांस रीनल फेल्योर वाले रोगियो के लिए भी इलाज उपलब्ध है और अगर किडनी फेल्योर भी हो जाता है तब भी किडनी ट्रांसप्लांट या डायलिसिस के सहारे मरीज अपना जीवन आराम से बिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीएमसी उधमपुर में भी डायलाइसिस की सुविधा उपलब्ध है और बहुत से रोगी यहां दो से पांच साल से डायलाइसिस के सहारे अपना जीवन चला रहें हैं। उनके लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क सुविधा उपलब्ध है।