फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: इंडिया ब्लॉक के चार सूत्री कार्यक्रम के समर्थन में उतरे पूर्व मंत्री बाबू सिंह, सीईसी के इस्तीफे की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। इंडिया ब्लॉक की ओर से उठाए गए चार सूत्री कार्यक्रम के समर्थन में पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) प्रक्रिया बंद करने। इसके तहत चार राज्यों के चुनाव रद्द कर नए सिरे से मतदान कराने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सांविधानिक संस्थाओं की साख बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार कर फैसला लेना होगा।
विज्ञापन


बाबू सिंह ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा केवल एक पद से जुड़े सवाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लोगों का चुनाव प्रक्रिया और सांविधानिक संस्थाओं पर भरोसा कायम रहना चाहिए। उनके अनुसार लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान आवश्यक है। उन्होंने एसआईआर के दौरान बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हुए चुनावों को रद्द कर नए सिरे से चुनाव करवाने की मांग भी की। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के चलते करीब 13 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया। साथ ही उन्होंने चुनावों में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर के इस्तेमाल की वकालत की। पूर्व मंत्री ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को राज्य का दर्जा बहाल किए जाने का इंतजार है और इस मुद्दे पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
बाबू सिंह ने दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने को लेकर सरकार और दिल्ली पुलिस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान पहले ही पूरे साल के लिए बुक होने की स्थिति में प्रदर्शनकारियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है और यह सरकार की सोची समझी रणनीति है कि प्रदर्शनकारी दिल्ली में प्रदर्शन ही न कर पाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है। इसलिए प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने के लिए उचित स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें