कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश ने नशीले पदार्थ के सेवन से जुड़े एक मामले में तीन आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने पुलिस की ओर से मांगी गई आगे की रिमांड को खारिज करते हुए तीनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के निजी एवं जमानती मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपियों को आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित रहने, अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने और अदालत की पूर्व अनुमति के बिना कोर्ट के क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं जाएंगे।
मामले की सुनवाई गत 7 सितंबर को मुंसिफ न्यायाधीश वीरेन मगोत्रा ने की। इसमें आरोपी मुनीष कुमार, ओमेश कुमार और रोहित कुमार को कठुआ पुलिस ने नशे का सेवन करते हुए 6 सितंबर को गिरफ्तार किया था। अदालत के समक्ष पेश रिमांड आवेदन में पुलिस की ओर से आरोपियों की और हिरासत की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान पुलिस ने जांच जारी होने और आरोपियों की हिरासत को आवश्यक बताते हुए आगे रिमांड मांगी। वहीं, आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए जमानत देने की मांग की। अदालत ने रिमांड फॉर्म और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पाया कि पुलिस की ओर से दी गई आगे की हिरासत की वजहें पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने आदेश में यह भी दर्ज किया कि मामले में लगाए गए आरोप नशीले पदार्थ के व्यक्तिगत सेवन से संबंधित हैं और आरोपियों से आगे पूछताछ की आवश्यकता नहीं दिखाई गई। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी आरोपियों की पुलिस हिरासत को प्रभावी जांच के लिए आवश्यक होने का पर्याप्त आधार प्रदर्शित नहीं कर सके। साथ ही जांच अधिकारी ने स्वयं यह बताया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सशर्त जमानत का आदेश दिया।