जीएमसी कठुआ में शुरू हुई एंडोस्कोपी
मरीजों को पेट संबंधी बीमारियों की जांच करवाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में एंडोस्कोपी सेवाएं शुरू हो गई है। इससे मरीजों को न केवल बेहतर पेट संबंधी बीमारियों की जांच करवाने में मदद मिलेगी, बल्कि निजी अस्पतालों और जीएमसी जम्मू जाने से भी निजात मिलेगी।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में इन सेवाओं का लंबे समय से मरीजों का इंतजार था। सामान्य चिकित्सा विभाग के अंतर्गत नवस्थापित एंडोस्कोपी यूनिट में डायग्नोस्टिक अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, डायग्नोस्टिक साइड व्यूइंग एंडोस्कोपी तथा लीवर रोगों की जांच के लिए फाइब्रो स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होकी। पूर्व में इन सारी सुविधाओं के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर होकर हजारों की राशि देनी पड़ती थी। अब अस्पताल परिसर में वाजिब राशि पर उपलब्ध होगी।
जीएमसी प्रशासन के अनुसार यह यूनिट ऊपरी और निचले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग के कारणों की पहचान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा यूनिट में कई मिनिमली इनवेसिव चिकित्सीय प्रक्रियाएं भी की जाएंगी। इनमें एंडोस्कोपिक पॉलीपेक्टॉमी और एंडोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन (ईएमआर) शामिल हैं। इन प्रक्रियाओं से कैंसर पूर्व और शुरुआती कैंसर संबंधी घावों का समय रहते उपचार संभव होगा तथा कई मामलों में बड़ी सर्जरी की आवश्यकता कम हो सकेगी।
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दो वर्ष पूर्व एंडोस्कोपी युनिट स्थापित करने की हुई थी शुरूआत
दरअसल जीएमसी में जब इंडोस्कोपी यूनिट स्थापित करने की शुरूआत दो वर्ष पूर्व की गई थी। उस दौरान प्रशासन ने कई करोड़ की मशीनों की खरीददारी की थी। उस समय अस्पताल में एक पेट रोग विशेषज्ञ की तैनाती थी। अस्पताल प्रबंधन ने यह तैनाती एसआरओ 364 के अंतर्गत शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर की थी। इसी बीच विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल छोड़ कर चले जाते हैं और यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया ठप हो जाती है। गत माह ने जीएमसी प्रशासन ने एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की तैनाती की गई। इससे इस यूनिट के कार्यात्मक बनाने और पेट संबंधी मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध होने की संभावना जताई जा रही है।