अब तक एक लाख से अधिक अगरबत्तियां तैयार, जल्द बाजार में उतारने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। बिलावर स्थित सामुदायिक केंद्र में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 और महिलाओं को अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इससे अगरबत्ती बनाने वाली प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या बढ़कर तीन गुना हो गई है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों द्वारा अब तक एक लाख से ज्यादा अगरबत्ती का निर्माण कर चुकी है। इसे जल्द बाजार में उतारने की तैयारी की जा रही है।
एक माह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहली बार स्थानीय मास्टर ट्रेनर दिलेश्वर सिंह ने महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। इस दौरान महिलाओं ने न केवल अगरबत्ती बनाने वाले कच्चे माल की पहचान ले लेकर, उसका मिश्रण तैयार करना, मशीन व हाथ से अगरबत्ती रोल करने, सुखाने, सुगंधित और पैकिंग करने की प्रक्रिया भी सिखाई गई। हस्तशिल्प विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी अगरबत्ती निर्माण केंद्र पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है, जिसमें कुल 39 महिलाओं ने हिस्सा लिया था। पहली बार यह प्रशिक्षण असम से आए मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिया गया था।
इसके बाद यहां के लोकल ट्रेनरों को असम भेजा गया और यहां उन्होंने पहले अगरबत्ती निर्माण के गुर सीखने के बाद वर्तमान में सीएफसी बिलावर में एक अन्य महिला समूह को प्रशिक्षण दे रहे है। संबंधित विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल हैं। उनका कहना है कि यदि उत्पादों को बेहतर बाजार मिल जाता है तो बिलावर क्षेत्र की अनेक महिलाओं को घर के पास ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा और वे परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
तैयार अगरबत्ती को बाजार में उतारने की तैयारी
हस्तशिल्प प्रशिक्षण अधिकारी अंशु शर्मा ने बताया कि अबतक दो प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक लाख से ज्यादा अगरबत्ती का निर्माण कर चुके हैं जिसे जल्द बाजार में उतारने को लेकर विभाग रणनीति बना रहा है। सबसे पहले विभाग कोशिश कर रहा है कि तैयार अगरबत्ती को विभिन्न धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट के साथ समझौता ज्ञापन कर वहां उपलब्ध करवाई जाए। इसके बाद ही तैयार माल को अन्य स्थानीय बाजारों में उतारने की योजना है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जहां मास्टर ट्रेनर को 10 हजार और प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं को भी आर्थिक मदद विभाग की ओर से मुहैया करवाई गई है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गत 28 अप्रैल को संपन्न हुआ था।