संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) की अदालत ने बिना अनुमति के मवेशी परिवहन मामले के दोषी पर 2,500 का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह सजा आरोपी की ओर से अपने अपराध को स्वीकार करने के बाद सुनाई गई है।
जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) पूनम गुप्ता की कोर्ट में दायर स्वीकारोक्ति आवेदन के अनुसार मामला फरवरी महीने का है। जब सिटी पुलिस ने आरोपी दारा सिंह निवासी महरौली को बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के मवेशी परिवहन करने के गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 (मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करने) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर चालान को 28 फरवरी को कोर्ट में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत में आवेदन देकर आरोपों को स्वीकार करने की इच्छा जाहिर की। अदालत ने आरोपी को समझाया कि वह इस तरह का बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और यदि वह ऐसा करता है तो उसके द्वारा दर्ज बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। लिहाजा आरोपी को अपने बयान पर दोबारा विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया लेकिन आरोपी अपने बयान पर कायम रहा।
अदालत ने रिकॉर्ड और आरोपी के बयान का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी की ओर से किया गया कबूलनामा पूरी तरह से स्वैच्छिक है और उस पर किसी प्रकार का दबाव या प्रभाव नहीं है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दोषी करार दिया गया। आरोपी ने जुर्माने की राशि मौके पर ही न्यायालय में जमा कर दी और इसके बाद अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया गया।