अपराध को स्वीकार करने के बाद अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले में आरोपी को लापरवाही से वाहन चलाने का दोषी ठहराते हुए उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह फैसला आरोपी की ओर से कोर्ट में अपने अपराध को स्वीकार करने के बाद सुनाया गया है।
अदालत में पुलिस की ओर से दायर चालान के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है। इसमें आरोपी रमन कुमार निवासी शिवा नगर कठुआ पर आरोप है कि उसने दुर्घटना के दिन अपने वाहन को लापरवाही से चला रहा था। इसमें आरोपी खुद दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो जाता है। इसके बाद कठुआ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337, 338 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत मामला दर्ज कर चालान को कोर्ट में 29 दिसंबर 2023 को प्रस्तुत किया था। बीते फरवरी महीने में कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से किए गए अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने का आवेदन दिया गया। कोर्ट ने आरोपी को समझाया कि वह अपने अपराध को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि उसकी ओर से दर्ज बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि इस दुर्घटना में केवल आरोपी ही घायल हुआ था, इसलिए आईपीसी की धारा 337 और 338 के आरोप इस मामले में लागू नहीं होते है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की स्वीकारोक्ति को देखते हुए उसे धारा 279 आईपीसी तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को धारा 279 के तहत 1000 रुपये और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत 3000 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई, जिसे आरोपी ने मौके पर ही कोर्ट में जमा कर दी गई और मामला का निपटारा कर दिया।