बिजली की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने का आरोप लगाया
कठुआ। पंचायत मेहताबपुर और आसपास के गांव में रहने वाले लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। पंचायत के पटोली गांव में एकत्रित ग्रामीणों ने बिजली विभाग की ओर से अघोषित बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हटली मोड़ स्थित हाईवे जाम करेंगे और इसका जिम्मेदार बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी होंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे पूर्व सरपंच दिलावर सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले लंबे समय से 12 से 14 घंटे अघोषित बिजली कटौती से ने केवल व्यापार धंधे बंद पड़े हैं बल्कि दर्जनों छोटे-छोटे गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हटली के सोला सब-स्टेशन से मिलने वाली बिजली अक्सर बंद रहती है। उनका आरोप है कि बिजली कटौती तो हर साल होती है लेकिन इस बार बिजली विभाग कोई समय सारणी का पालन ही नहीं कर रहा है। कई बार तो यह कटौती लगातार चार-चार घंटे रहती है। इस अघोषित बिजली कटौती से स्कूली बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं जबकि स्कूली बच्चों की अंतिम परीक्षा सिर पर है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल सिकंदर पाल ने बताया कि दिनभर बिजली न रहने से लोगों के घर में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि जेजेएम योजना के तहत स्थापित ओवर हैड टैंक स्थापित तो कर दिए गए हैं लेकिन उनको कार्यात्मक नहीं बनाया गया है। इसके चलते ज्यादातर ग्रामीणों इलाकों में ट्यूबवेल से सीधी पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में अगर बिजली ही नहीं होगी तो लोगों को पीने योग्य पानी भी नहीं मिल रहा है। जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि मेहताबपुर पंचायत से सटे औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की कटौती न मात्र है जबकि इसके साथ लगते ग्रामीण इलाकों की तरफ बिजली विभाग है कि मनमाने ढंग से बिजली कटौती को अंजाम दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ बिजली विभाग स्मार्ट मीटर लगा रहा है तो वहीं दूसरी विभाग है कि लोगों को जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध करवाने में असफल साबित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त सहित विधायक कठुआ से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं को समाधान किया जाए नहीं तो ग्रामीण संबंधित विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शन में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।