कठुआ। हायर सेकेंडरी का दर्जा मिलने के बाद भी कीड़ियां गंडियाल स्कूल में डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी एक साथ सभी विषयों के लेक्चरर की तैनाती नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्तमान में चार लेक्चरर और तीन शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसमें भी ज्यादातर पद सेवानिवृत और तबादले के चलते खाली हुए हैं। हालात यह है कि स्कूल शिक्षक ही लंबे समय से लेक्चरर के विषयों को पढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में अर्थशास्त्र, प्राणिशास्त्र, शारीरिक शिक्षा और अंग्रेजी लेक्चररों के पद खाली पड़े हुए हैं। इसमें अंग्रेजी लेक्चरर का पद 31 मार्च 2024 से सेवानिवृत के बाद से रिक्त पड़ा हुआ है। इसके चलते पिछले एक साल से 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अंग्रेजी का पाठ्यक्रम एक अध्यापक द्वारा पढ़ाया जा रहा है। वहीं, वनस्पति विज्ञान का लेक्चरर प्राणिशास्त्र विषय में भी अपनी सेवा दे रहा है। शारीरिक शिक्षा के लेक्चरर के निधन से खाली हुए पद को तीन साल बाद भी स्थायी तौर पर भरा ही नहीं गया है। इस विषय के लिए अस्थायी तौर पर एक रेहबर-ए-खेल अध्यापक की सेवा ली जा रही है, जबकि हायर सेकेंडरी में अर्थशास्त्र का कोई लेक्चरर तैनात नहीं है। इसके परिणामस्वरूप इस बार 11वीं के किसी भी विद्यार्थी ने अर्थशास्त्र विषय को ही नहीं चुना है। इसके अलावा तीन अन्य शिक्षकों के पद भी खाली पड़े हुए हैं। इसमें एक मास्टर, एक शिक्षक और एक पीटीआई का पद शामिल है।
स्कूल प्रशासन के मुताबिक हायर सेकेंडरी स्कूल के कुल लेक्चरर, मास्टर और शिक्षक को मिलाकर कुल 26 पद स्वीकृत हैं। इसमें से सिर्फ 19 पद ही भरे हुए हैं, शेष सात पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। इसका असर न केवल 11वीं और 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, बल्कि इससे स्कूल में लगातार नामांकन भी कम होता जा रहा है। नामांकन कम होने का कारण है कि लेक्चरर की कमी के चलते दो पंचायतों के विद्यार्थी शहर के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल की ओर रुख कर रहे हैं।