फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: आरटीओ की कार्रवाई पर भड़के ई-रिक्शा चालक, प्रदर्शन कर जताया रोष

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा चलाने पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी लखनपुर की तरफ से की जा रही लगातार कार्रवाई से चालकों में काफी रोष है। वीरवार को ई-रिक्शा चालकों ने भगवान परशुराम चौक पर आरटीओ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा चलाने पर मोटर वाहन विभाग रिक्शा चालकों को पांच से दस हजार का जुर्माना लगा रहा है। साथ ही वाहन भी जब्त कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बताएं कि आखिर ई-रिक्शा कहां पर चलाया जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गुलजारी लाल गुप्ता का कहना है कि कठुआ शहर पांच किलोमीटर के दायरे में बसा हुआ है। इसके एक तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग लगता है। ऐसे में सवारी को शहर के एक कोने से दूसरे कोने पर ले जाने के लिए ई-रिक्शा को हाईवे से गुजरना ही पड़ता है। गुलजारी ने बताया कि जब रेलवे स्टेशन, राजकीय मेेडिकल कॉलेज कठुआ और खुद आरटीओ कार्यालय हाईवे के किनारे पर है। ऐसे में जब ई-रिक्शा हाईवे पर चढ़ता है, तो परिवहन अधिकारी उनका चालान काट देते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने मांग की है कि खुद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बताएं कि इन जगहों पर पहुंचने के लिए ई-रिक्शा चालक आखिर कौन सा रास्ता अपनाएं कि वे हाईवे पर न जा पाएं। उनका कहना है कि वर्तमान में शहर में आठ सौ से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं। इसमें से ज्यादा ई-रिक्शा शहर की बजाय बाहर के हैं। उनका आरोप है कि जब ई-रिक्शा खरीदने वाले का पता बिलावर, बसोहली और हीरानगर का है तो वे अपना ई-रिक्शा शहर में कैसे चला रहे हैं। आरटीओ कार्यालय लगातार ई-रिक्शे का पंजीकरण कर रहा है। उनका कहना है कि ई-रिक्शा का या तो रूट तय किया जाए या फिर ई-रिक्शा जिस इलाके का है उसी इलाके में चलना चाहिए। इसके लिए रूट नीति भी परिवहन विभाग को बनानी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर ई-रिक्शा वालों के खिलाफ आरटीओ की कार्रवाई तब हुई है जब वे मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज लेकर गए हुए थे। अस्पताल जाने के लिए ई-रिक्शा वालों को हाईवे पर जाना ही पड़ता है या सवारी को आधे रास्ते ही उतार दें, यह कहां का इंसाफ है। उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन को समस्या का हल करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें