कठुआ। समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक के निर्देश पर प्रदेश भर में चल रही केंद्र प्रायोजित योजनाओं के स्कूलों में निरीक्षण का काम कठुआ में एक ही जोन तक सिमट गया।
तय शेड्यूल के मुताबिक समन्वयक जिले में पहुंचे भी और स्कूलों का निरीक्षण भी किया लेकिन यह स्कूल एक ही शिक्षा जोन के थे, जबकि जिले के 11 शिक्षा जोन के स्कूलों में टीम नहीं गई। टीम को सभी शिक्षा जोन में अलग-अलग चार स्कूलों का निरीक्षण करना था, लेकिन एक ही जोन में चार स्कूलों का निरीक्षण किया गया। शायद मंत्रालय को इसी आधार पर जिले की रिपोर्ट भी सौंप दी जाएगी।
दरअसल , सोमवार को हीरानगर पहुंचे दो समग्र समन्वयकों की टीम ने सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कूटा, राजकीय गर्ल्स हाई स्कूल कूटा, राजकीय मिडिल स्कूल कट्टल ब्राह्मणा और पीएम श्री प्राइमरी स्कूल पंताल का निरीक्षण किया। परियोजना निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक जिले के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। जिससे निर्धारित तिथि के दिन जिले विशेष का दौरा कर चार स्कूलों में चल रही केंद्र प्रायोजित योजना का निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी थी।
निगरानी टीम का काम था कि वह जिले के किसी भी चार स्कूलों का औचक निरीक्षण करके केंद्र प्रायोजित योजना जिसमें समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण का जमीनी स्तर कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना था। निगरानी टीम की ओर से यह देखा जाना था की यह योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं या नहीं। इसके अलावा योजनाओं के तहत वित्त वर्ष में जारी जारी राशि का स्कूलों पर कैसे खर्च किया गया है या पूरा खर्च हुआ है कि नहीं या राशि अभी भी शेष बची है, इस पर फोक्स करना था।
इसके अलावा, निगरानी टीम को योजना के संबंध में इसका कार्यान्वयन सही तरीके से हो रहा है या नहीं। अगर कहीं कोई कमी दिखाई देती है, तो टीम को संबंधित जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी और जोनल शिक्षा अधिकारियों से बातचीत कर इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसे 30 मार्च से पहले संबंधित विभाग को सौंपा जाना है। हालांकि जिले के यह कोई भी चार स्कूल हो सकते थे लेकिन हीरानगर के अलावा, बसोहली, बिलावर, बनी, महानपुर, सल्लन, बरनोटी, लखनपुर, कठुआ, भड्डू, मल्हार में किसी भी स्कूल की जमीनी स्थिति नहीं जांची गई। साफ है कि अधिकारी भी खानापूर्ती कर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर लौट लिए।
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कोट
रैंडम जांच की गई है। जिसमें चार स्कूल जांचे गए हैं। इनमें कुछ खामियां पाई गई हैं जिसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाएगी। अगले वित्तीय वर्ष से प्रति माह इन योजनाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। -
किशोर शर्मा, टीम में शामिल समन्वयक