प्रदर्शनकारी को बलपूर्वक ले जाती पुलिस।
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कठुआ। गत वर्ष नाबालिग से दुष्कर्म मामले में तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी न होने के चलते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने शहर के मुखर्जी चौक स्थित सड़क को अवरुद्ध कर कठुआ और जसरोटा के भाजपा विधायकों डॉ. भारत भूषण और राजीव जसरोटिया का पुतला फूंका। इसके बाद पुलिस ने बंद मार्ग पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए 10 के करीब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। जिसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
बता दें कि इस मामले में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संगठन जनजागृति मंच और आंबेडकर सेना मूल निवासी के कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से मुखर्जी चौक पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसमें नाबालिग से दुष्कर्म मामले में तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। हालांकि दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीसरा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
सोमवार को महिलाओं सहित दर्जनों प्रदर्शनकारी मुखर्जी चौक पर एकत्रित हुए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करना शुरू किया। पुलिस की ओर से कार्रवाई में हो रही देरी के चलते प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारा के कालीबड़ी की ओर जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया। हालांकि शुरू में ही तहसीलदार कठुआ ने प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन करने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। आधे घंटे तक बंद पड़े मार्ग को खुलवाने के लिए पुलिस ने भी पहले प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शन में लोगों ने प्रशासन और पुलिस की अपील को दरकिनार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों के नेताओं सहित 10 लोगों को हिरासत में लेकर यातायात को सुचारू बनाया। इसमें महिला प्रदर्शनकारी भी शामिल थी।
क्या है मामला
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक गत वर्ष तीन लोगों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया था। हालांकि शुरू में पीड़िता के परिवार को इसके बारे में पता नहीं चला। जब मामला परिवार के संज्ञान में आया तो नये वर्ष की शुरूआत में परिवार की ओर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। शिकायत के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया था। इसके बाद विभिन्न संगठनों की ओर से जिला पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान भी कई सारे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अगले ही दिन पुलिस ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी फरार बताया गया।
प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांग
प्रदर्शनकारी पहले दिन से ही मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा तीसरे आरोपी जिस पर घटना में मुख्य रूप से शामिल होने का आरोप है उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने अभी तक न तो एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और न ही तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके चलते प्रदर्शनकारी पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ अगल-अलग मौकों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।