कठुआ। बिलावर में गत दिनों पहले युवक की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को जन जागृति मंच और आंबेडकरी सेना मूल निवासी की ओर शहीदी चौक स्थित प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने मामले में न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने को कहा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि वर्तमान में बिलावर थाना प्रभारी को तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। वहीं, प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नाजीर अहमद ने आरोप लगाया कि पुलिस की कथित यातना के बाद ही युवक ने आत्महत्या का रास्ता अपनाया। अहमद ने कहा कि हालांकि जिला प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पुलिस की जांच पुलिस वाले करेंगे तो वे निश्चित ही बिलावर थाना प्रभारी को बचाने की कोशिश करेंगे। लिहाजा मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच बाहर आ सके। उसने कहा कि युवक मक्खनदीन ने मरने से पहले मजिस्द में जाकर कुरान शरीफ को हाथों में लेकर वीडियो बनाई और बताया कि कैसे पुलिस ने उस पर अत्याचार किया था। इससे साबित होता है कि पुलिस ने युवक के साथ क्रूरता की।
वही, जन जागृति मंच के सदस्य गिन्नी ने जिला प्रशासन और पुलिस पर आरोप लगाया कि जिले में कानून का राज स्थापित करने में पुलिस तंत्र विफल साबित हो रहा है। पुलिस है कि दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। खनन माफिया पुलिस और जिला प्रशासन की नाक के नीचे अवैध कारोबार कर रहा है। जिसकी पुष्टि खुद उप-मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान कर चुके है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों को सरंक्षण दे रही है और निर्दोषों लोगों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला की सरकार से अपील की मामले में संज्ञान लिया जाए, ताकि मामले के दोषियों को सजा मिल सके। प्रदर्शन में अंबेडकरी सेना मूल निवासी के प्रधान परदीप अंबेडकरी, जन जागृति मंच के अध्यक्ष संजय कुमार, अर्जून, सुरेश सैनी, पूर्व सरपंच धार डुग्नू बिलावर सुशील सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।