कठुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मेडिकल काॅलेज कठुआ मुठभेड़ मामले में आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट के अनुसार आरोपी की ओर से दायर याचिका का एकमात्र आधार आरोपी की चिकित्सा स्थिति है, जोकि स्थिर बताई जा रही है। लिहाजा जमानत याचिका को ही खारिज किया जाता है। कोर्ट ने जिला जेल जम्मू के प्रभारी को आरोपी को उचित चिकित्सा उपचार प्रदान करने को कहा।
मामला गत वर्ष अप्रैल की आधी रात का है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक बिश्नाह पुलिस को सूचना मिली थी कि विभिन्न मामलों के आरोपी 2 अप्रैल की रात को मेडिकल कालेज कठुआ में अपने किसी से मिलने आए हुए हैं। जैसे ही अस्पताल में बिश्नाह पुलिस आरोपियों को पकड़ने पहुंची।
आरोपियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिसमें पुलिस का पीएसआई दीपक शर्मा बलिदान हो गए थे, जबकि क्रॉस-फायरिंग में एक हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर भी मौके पर ही मारा गया था। इसके बाद पुलिस ने कठुआ थाना में आईपीसी की धारा 302/307/147/148/212/216 और आर्म एक्ट की धारा 3/25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में हाल ही में कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। जिस पर फैसला आना अभी लंबित है। कोर्ट में दायर जमानत याचिका के अनुसार मामले के आरोपी रोहित कुमार पुत्र बोध राज निवासी आरएस पुरा जम्मू को पुलिस ने अन्य कई लोगों के साथ संदेह के आधार पर पकड़ा था। आरोपी को पुलिस ने तब पकड़ा था जब वह गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज अमृतसर में गोली लगने से हुए घावों का उपचार करवा रहा था। तब से आरोपी जिला जेल अंबफला जम्मू में बंद है। जहां आरोपी को उचित उपचार नहीं मिला है। हो सकता है कि आरोपी के अंगों को काटना पड़े। लिहाजा आरोपी को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी जाए। आरोपी कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है।
आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आदेश सुनाया कि मामले में हाल ही चालान पेश किया गया है। जिस पर सुनवाई चल रही है। अभी आरोप तय होना बाकी हैं। जमानत याचिका में आरोपी अपने पक्ष में विवेक का प्रयोग करने के लिए आधार बनाने में विफल रहा है। इसलिए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।