मेहनत और लगन से यूनिट की क्षमता बढ़ाते हुए 200 से अधिक बॉक्स किए तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। महिला किसानों के लिए लाखड़ी निवासी रेवा रानी एक प्रेरणादायक उद्हारण बनकर सामने आई हैं। उन्होंने मधुमक्खी पालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया और आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।
कृषि विभाग नगरोटा गुजरु के अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि रेवा रानी को एचएडीपी योजना के तहत 35 बी-बॉक्स उपलब्ध कराए गए थे। इस यूनिट पर विभाग की ओर से एक लाख हजार की सब्सिडी दी गई जबकि कुल लागत 1.40 लाख रुपये रही। समय सीमा पूरी होने पर यूनिट से 1.85 क्विंटल शहद निकाला गया। रेवा रानी ने मेहनत और लगन से यूनिट की क्षमता बढ़ाते हुए 200 से अधिक बॉक्स तैयार कर लिए हैं। उनकी सालाना आय अब 4 लाख से अधिक हो गई है। रेवा रानी ने इस उपलब्धि से साफ है कि महिला किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि विभाग की योजनाएं अब जमीन पर असर दिखा रही हैं।