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Kathua News: पटरी से उतरीं स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज भटके

Wed, 25 Mar 2026 03:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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ओपीडी बंद होने के बाद जीएमसी की इमरजेंसी में पहुंचे मरीजसंवाद
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स्वास्थ्य कर्मियों ने ढाई दिन वेतन रोकने के विरोध शुरू की दो दिवसीय हड़ताल
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आपात सेवाएं जारी, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर ठप रखा कामकाज
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ढाई दिन का वेतन रोकने के विरोध में सरकार के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल के पंजीकरण ब्लॉक में एकजुट होकर कई कर्मचारियों ने रोष जताया। इसी तरह से सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा। केवल आपातकालीन सेवाएं ही जारी रही।
कठुआ में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सुरेंद्र बरमनी ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनवरी माह में वेतन रोकने पर विचार करने की बात कही थी लेकिन प्रशासन ने इसे मार्च से लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि रविवार और अन्य गजटेड छुट्टियों में सेवाएं देने के बावजूद वेतन नहीं दिया गया।
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कर्मचारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने इस मुद्दे पर सात दिन में रिपोर्ट देने वाली कमेटी बनाने का आश्वासन दिया था लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी कोई बैठक या निर्णय नहीं हुआ। अंकित उप्पल ने कहा कि पिछले सात वर्ष से भर्ती नियमों को लेकर सरकार टालमटोल कर रही है जिससे कर्मचारियों का हक छीना जा रहा है।

प्रदर्शन में केहर सिंह, अनुज शर्मा, स्तुति मेहता, आरती, रसिका, शबनम, कैलाश, सौरव, बीनू, अवीश, मुस्ताक, संदीप सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।


स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाएं ठप, मरीज और तीमारदार परेशान
- तीमारदार बोले निजी क्लीनिकों में बिना स्टाफ मरीजों को देख रहे डॉक्टर



कठुआ। जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में स्वास्थ्यकर्मियों की इस हड़ताल से ओपीडी सेवा पूरी तरह से ठप हो गई, जिससे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि मरीजों की सुविधा को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखा गया। हर रोज हजारों की संख्या में उपचार के लिए आने वाले मरीजों का बोझ इमरजेंसी ब्लॉक पर दिखा जहां दिनभर भीड़ रही। विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपब्धता मरीजों को दिन भर सताती रही।
बेटे को व्हीलचेयर पर लेकर घूमता रहा। डॉक्टर से मुलाकात हुई तो उन्होंने सहायकों की उपलब्धता न होने की बात कहकर शुक्रवार को दोबारा आने के लिए कहा है।
बादशाह कुमार, मुकंदपुर
बडाला से आई बुजुर्ग शिमला देवी ने बताया कि जीएमसी कठुआ में होने वाली हड़ताल के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी बेहतर उपचार की चाह में वह अपने गांव से आई थी लेकिन यहां न तो पर्ची बन रही है और न ही डॉक्टर उन्हें देखने को तैयार है। जिसके कारण अब उन्हें अपने घर वापस ही जाना पड़ेगा।
जीएमसी में अपनी सेवा देने वाले डॉक्टर जब निजी क्लीनिक में मरीजों को उपचार देते हैं तब उनके पास कितना स्टाफ होता है। अगर वहां वह बिना पैरामेडिकल स्टाफ के मरीजों को उपचार दे सकते हैं तो उन्हें यहां भी ओपीडी में रहकर सेवा देनी चाहिए।
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- वीणा देवी, निवासी बुद्धि

कोट


जीएमसी कठुआ में स्वास्थ्य कर्मियों की इस हड़ताल से बने हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है। उम्मीद है कि यह हड़ताल जल्द खत्म होगी। अगर किन्ही कारणों से हड़ताल लंबी होती है तो इस समस्या से निपटने के लिए कदम उठाया जाएगा।

- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य, जीएमसी कठुआ
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