लैब बनने के साथ औद्योगिक क्षेत्र के जलस्रोतों की जांच भी होगी संभव
1.14 करोड़ से जेकेपीसीसी कार्यालय परिसर में बनेगी लैब
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में लगातार बढ़ रहे औद्योगिकीकरण के बीच जल प्रदूषण से जुड़े सैंपलों की जांच जल्द कठुआ में ही संभव हो जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के कठुआ कार्यालय परिसर में जल्द जांच लैबोरेटरी का निर्माण शुरू होने जा रहा है। 1.14 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली यह लैब पानी के सैंपलों की नियमित जांच में सहयोगी होगी। न सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र बल्कि जलस्रोतों की जांच भी अब जिले में संभव होगी जिससे नतीजे भी जल्द हासिल किए जा सकेंगे।
दरअसल, औसतन औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले पानी के दस से ज्यादा सैंपल हर महीने जांच के लिए क्षेत्रीय लैब जम्मू में भेजे जाते हैं। इसके अलावा जिले में जलस्रोतों के प्रदूषण की जांच भी करवाई जाती है। क्षेत्रीय लैब पर अतिरिक्त भार के चलते कई बार परिणाम आने में कई दिन जाते थे। ऐसे में विभाग ने अब जिले में ही अपनी लैब स्थापित करने का काम शुरू किया है। जिला प्रदूषण नियंत्रण विभाग परिसर में ही लैब तैयार की जाएगी जिसका निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाएगा। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से उपकरण स्थापित कर सैंपलों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
वर्तमान में कठुआ जिले में विभाग के पास वैज्ञानिक भी उपलब्ध हैं। लैब स्थापित होने के बाद लैब सहायक से लेकर अन्य जरूरी स्टॉफ को भी तैनात किए जाने की योजना है। ज्ञात रहे कि कठुआ जिले में पिछले तीन साल में डेढ़ सौ से ज्यादा औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किया गया है। 450 से ज्यादा इकाईयां स्थापित किए जाने को लेकर अग्रिम पंजीकरण करवा चुकी हैं। जिले में घाटी, कीड़ियां गंडियाल, महरोली, हटली मोड़ सहित दर्जन भर से ज्यादा निजी क्षेत्रों में भी इकाईयां स्थापित की गई हैं। ऐसे में पर्यावरणीय प्रभाव को नियमित जांच और दायरे को बढ़ाए जाने के लिए सैंपलों की अधिक जांच और नियमित जांच की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
कोट
विभाग की ओर से प्रदूषण नियंत्रण विभाग परिसर में जांच लैब स्थापित की जा रही है। इसकी डीपीआर बनकर तैयार है। और लैब निर्माण के लिए प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी गई है। आने वाले समय में कठुआ जिले के सैंपल यहीं कठुआ की लैब में ही जांच लिए जाएंगे।
अनुपम कौल, मंडल अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण समिति, कठुआ