जम्मू-कश्मीर ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट पढ़कर लंबित मामलों को निपटाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। डीसी ने सोमवार को एक बैठक में दोनों स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत, मंजूर और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। जिला उपायुक्त राजेश शर्मा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (जेकेआरईजीपी) की प्रगति रिपोर्ट पढ़कर लंबित मामलों को निपटाने पर जोर दिया।
माैके पर माैजूद अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों की कमी और तकनीकी कारणों से बैंकों ने कुछ मामलों को अस्वीकार किया है। उन्होंने अधिकारियों को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश देकर अस्वीकृत मामलों का विवरण संबंधित विभागों को भेजने की को कहा। डीसी ने कहा कि पीएमईजीपी और जेकेआरईजीपी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका लक्ष्य है। सभी हितधारकों से निकट समन्वय के साथ कार्य कर जिले के लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मुश्ताक चौधरी, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमन जसरोतिया, आरसेटी कठुआ की निदेशक उत्पला साइकिया, जिला अधिकारी केवीआईबी सुरिंदर शर्मा और आईपीओ डीआईसी शिवांग गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।