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Kathua News: जामा मस्जिद में अलविदा जुमा नमाज अदा की

Sat, 14 Mar 2026 02:42 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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बनी में सेना की ओर से दी गई इफतार पार्टीसंवाद - फोटो : संवाद
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रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को नमाजे अलविदा का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को नमाजे अलविदा का आयोजन किया गया। शहर के पारलीवंड स्थित जामा मस्जिद में आयोजित नमाज में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम भाईचारे ने अमन-शांति की दुआ मांगी।
आखिरी जुमे की नमाज को लोगों में काफी उत्साह दिखा। इस दौरान बड़ी संख्या में मस्जिद पहुंचे लोगों ने मौलाना जकी की अगुवाई में नमाज अदा की। सामूहिक नमाज के दौरान मौलाना ने लोगों को नेकी के रास्ते पर चलने और गरीबों जरूरतमंदों व अपने आस-पड़ोस के लोगों की हमेशा मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हमें एक- दूसरे के साथ खुशियां और गम बांटने की जरूरत है। मौलाना जकी ने तकरीर और अल-विदाई खुत्बा किया। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने दो रकात जुमा की फर्ज नमाज अदा की।
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इस मौके पर मुस्लिम कमेटी के मास्टर सदीक ने बताया कि पूरे रमजान माह के दौरान हर रोजेदार पांचों वक्त की नमाज को अदा करता है लेकिन आखिरी जुमे की नमाज विशेष है क्योंकि इसी नमाज के दौरान वह अपने बुरे कामों को माफ करने की खुदा से फरियाद करता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार अलविदा जुमे की नमाज में लोग सच्चे दिल से दुआ मांगते हैं, वह कुबूल हो जाती है। इस्लामिक विचारधारा के अनुसार पैगंबर मोहम्मद ने शुक्रवार को खास दिन बताया है। उनके मुताबिक हफ्ते के सारे दिनों के बीच शुक्रवार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और खास माना जाता है इसलिए अगर इस दिन कोई कुरान पढ़ता है और इबादत करता है तो अल्लाह उसकी रखवाली करते हैं। नमाज अदा करने से अल्लाह उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी करता है।
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इस मौके पर शकील अहमद टोनी ने कहा कि यह रमजान का आखिरी जुमा होता है। लिहाजा इसे अलविदा जुमा कहा जाता है और विशेष नमाज अदा की जाती है। इस दिन कुरान की तिलावत और सामूहिक दुआओं का आयोजन होता है। जिले के अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुमा तुल विदा की नमाज अदा की।
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