संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने पशुओं के साथ क्रूरता और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करने के आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार, आरोपी को जमानत के लिए 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बांड पर रिहा करने के आदेश दिए। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए है।
कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार, आरोपी बशीर अहमद निवासी मथरा चक हीरानगर के खिलाफ चडवाल पुलिस ने मवेशी तस्करी करने आरोप है। पुलिस ने इसी महीने की शुरूआत में एक वाहन पंजीकरण जेके08जे -2433 को जब्त किया था, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस धारा 223 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज की गई थी। बीते 18 फरवरी को आरोपी के वकील ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर आरोपी की रिहाई का आग्रह किया गया। आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस पोस्ट चड़वाल ने उसके मुव्वकिल के खिलाफ झूठा व निराधार मामला दर्ज किया है। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि वह जांच में सहयोग करेंगे तथा अदालत द्वारा लगाए जाने वाले सभी शर्तों का पालन करने को तैयार है। लिहाजा उसे जमानत दी जाए। जमानत का अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया और मामले की जांच अभी भी जारी है। अभियोजन ने अपराध को गंभीर बताते हुए जमानत याचिका को खारिज करने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपित धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। इस आधार पर अदालत ने जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए आरोपी को 20 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बांड पर रिहा करने के आदेश दिए। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी को जांच में सहयोग करेगा और किसी भी तरीके से गवाहों को प्रभावित नहीं करने की सख्त हिदायत भी दी है।