शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाती नगर परिषद की टीम
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कठुआ। नगर परिषद ने सोमवार को फुटपाथ और सड़कों पर अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। शहीदी चौक से आरंभ हुई इस मुहिम में सड़क और फुटपाथ तक फैली सब्जियों की दुकानों को हटाया गया तथा रेहड़ियां जब्त की गईं। इस दौरान दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस की मदद से परिषद ने कार्रवाई जारी रखी। कुछ सामान को जेसीबी की सहायता से नष्ट भी किया गया।
शहर में कार्रवाई की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। इस दौरान रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले अपना सामान समेटकर भागते दिखे। वहीं जिन दुकानदारों ने दुकान के बाहर सामान रखा था, उन्होंने तुरंत उसे अंदर कर लिया। जिन दुकानदारों ने सामान नहीं हटाया, उनका कहना है कि वे लोग दशकों से इसी तरह से सामान लगा रहे हैं। उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के नहीं हटाया जा सकता है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ परिषद कर्मचारियों ने सख्ती दिखाई और भविष्य में अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। टीम ने कई दुकानदारों से प्रतिबंधित पॉलीथिन भी बरामद कर जब्त किया।
नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं। हाल ही में एडीसी कठुआ की अगुवाई में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद डीसी कठुआ ने अतिक्रमणकारियों को विशेष निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार अब प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा। शर्मा ने दुकानदारों को सचेत करते हुए कहा कि यदि वे नुकसान से बचना चाहते हैं तो उन्हें स्वयं अतिक्रमण से परहेज करना होगा।
दोपहर में गायब हुई रेहड़ी फड़ियां शाम को फिर लग गईं
शहर के ड्रीमलैंड पार्क रोड, कॉलेज रोड, कोर्ट रोड, मुखर्जी चौक, जराई चौक के अलावा शहीदी चौक से कालीबड़ी के बीच फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण का मकड़जाल रोजाना की बात है। सोमवार को नगर परिषद की कार्रवाई के बाद अचानक कुछ घंटो के लिए शहर से रेहड़ी फड़ियों का स्थायी अतिक्रमण हटा दिया गया। वहीं ज्यादातर अतिक्रमणकारी कार्रवाई शुरू होते ही फरार हो गए लेकिन शाम होते तक सड़कों पर फिर से रेहड़ी फड़ियों का अतिक्रमण देखने को मिला। यह अतिक्रमण न सिर्फ राहगीरों को परेशान करता है बल्कि सड़क पर रेहड़ी फड़ी लगने से वाहनों का जाम भी लगता है जो कई बार दुर्घटना का भी कारण बन रहा है। ऐसे में इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाने की जरूरत है।