कठुआ। देशभर से चुने गए 36 विद्यार्थियों को 22 जनवरी को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला। इनमें कठुआ जिले के आर्मी पब्लिक स्कूल, जंगलोट की छात्रा चाहत प्रदेश की एकमात्र प्रतिनिधि थीं, जिन्होंने सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कर परीक्षा में सफलता और जीवन में फोकस पर टिप्स हासिल किए।
नौंवी कक्षा की छात्रा चाहत ने बताया कि उन्होंने दो घंटे का एक वीडियो बनाकर एससीईआरटी तक अपनी जगह बनाई। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन इंटरव्यू में चयन हुआ और उन्हें दिल्ली बुलाया गया। चाहत ने कहा कि सुबह साढ़े सात बजे कार्यक्रम शुरू हुआ और अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां पहुंचे। यह पल उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। प्रधानमंत्री ने बच्चों की नर्वसनेस दूर की और हर टेबल पर जाकर उनसे बातचीत की। उन्होंने चाहत से दिल्ली आने और ठहरने के बारे में पूछा तथा परेड देखने का भी जिक्र किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें असम का प्रसिद्ध सिल्क पटका भेंट किया।
चाहत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बच्चों से अलग-अलग सत्रों में बातचीत करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 में होगा और इसके लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने विदेशी वस्तुओं के कम इस्तेमाल और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। बच्चों से कहा कि वे चौबीस घंटे में इस्तेमाल होने वाले सामान का आकलन करें, इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने समय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि रात में लिखकर रखें कि अगले दिन क्या करना है और फिर समीक्षा करें कि क्या पूरा नहीं हुआ और क्यों नहीं हुआ। इससे अगली बार बेहतर तैयारी हो सकेगी। मुलाकात के दौरान उन्होंने बच्चों को लाफ्टर थैरेपी भी करवाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि हर बच्चे में एक खूबी होती है, जो पढ़ाई के अलावा भी हो सकती है। उसे समझो और उसी पर फोकस करो।
चाहत ने कहा कि उनके लिए यह जिंदगी भर न भूल पाने वाला पल है। प्रधानमंत्री की बताई बातों को वो ताउम्र याद रखेंगी। उनका अनुसरण करेंगी। प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व पर उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जैसा टीवी पर दिखते हैं उससे बिल्कुल अलग थे। बच्चों के साथ एकदम घुलमिल गए और उनके चेहरे पर एक तेज था।