औद्योगिक कॉरिडोर में यूनिवर्सिटी टाउनशिप की उम्मीद
जम्मू-पठानकोट कॉरिडोर पर लॉजिस्टिक और हाईवे अपग्रेड का काम कठुआ की कनेक्टिविटी को करेगा मजबूत
कठुआ। केंद्रीय बजट 2026 में जम्मू-कश्मीर के लिए 43,290 करोड़ का अनुदान निर्धारित किया गया है। इस राशि से कठुआ जिले में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई योजनाएं लागू होंगी। इससे पर्यटन की राहें खुलने की उम्मीद है लेकिन सब्सिडी पैकेज में विस्तार नहीं होने से उद्योग जगत को कुछ खास नहीं मिला है।
विशेषज्ञों के अनुसार कठुआ के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कों का निर्माण होगा जिससे गांवों को बाजारों और सेवाओं से बेहतर जोड़ा जा सकेगा। गति शक्ति परियोजना के तहत जम्मू-पठानकोट कॉरिडोर पर लॉजिस्टिक और हाईवे अपग्रेड का काम कठुआ की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर योजना के तहत जिला अस्पताल कठुआ और बिलावर, बनी व हीरानगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए विशेष अनुदान मिलने जा रहा है।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग की सुविधाएं कठुआ के स्कूलों में बढ़ाई जा सकेंगी। साथ ही विश्वविद्यालय टाउनशिप पहल के तहत कठुआ को उच्च शिक्षा और रोजगार का हब बनाने की उम्मीद है। बजट में जिला स्तर पर ग्रामीण युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और आर्या जैसी योजनाओं से प्रशिक्षण का प्रावधान है।
कृषि विज्ञान केंद्र को भी आधुनिक तकनीक प्रशिक्षण के लिए मजबूत किया जाएगा। पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए बजट में ईको-टूरिज्म ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की गई है। इससे बसोहली और बनी क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा। साथ ही बसोहली पेंटिंग्स और अटल सेतु जैसे सांस्कृतिक स्थलों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
क्या है यूनिवर्सिटी टाउनशिप
यूनिवर्सिटी टाउनशिप के तहत विशेष क्षेत्र या नगर जहां विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षा संस्थान के इर्द-गिर्द शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक सुविधाओं का विकास किया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षा, कौशल और रोजगार को एक ही स्थान पर जोड़ना होता है। कठुआ में तेजी से पिछले चार साल में हुई औद्योगिकीकरण के बाद इसे मुफीद माना जा रहा है। इससे यहां न सिर्फ स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा बल्कि में फ्लोटिंग आबादी को भी इसके लाभ मिल सकेंगे जो कामकाज या निवेश के सिलसिले में यहां पहुंचते हैं।
बेरोजगारी पर चुप्पी का बजट
देश का युवा सड़कों पर है लेकिन वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन के लिए किसी ठोस रोडमैप का जिक्र नहीं किया। यह दिशाहीन बजट युवाओं के सपनों को तोड़ने वाला है। चुनावी भाषण जैसा है जिसमें शब्द तो बड़े-बड़े हैं लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग की जेब के लिए सब कुछ खाली है। यह जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। सरकार ने विकसित भारत का जो सपना दिखाया है वह बिना रोजगार और बिना सामाजिक सुरक्षा के कभी पूरा नहीं हो सकता। पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। आम आदमी की थाली से दाल-सब्जी गायब होती जा रही है।
- सुभाष गुप्ता, पूर्व विधान परिषद सदस्य
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वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने वाली भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में महिलाओं को उनके अधिकार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेहतरीन प्रयास किए है। ताजा पेश किए जाने वाले बजट में महिलाओं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र आने वाली वह महिला जो आत्मनिर्भर बनने की राह पर निकाली है उसे मजबूती मिलेगी। यह पहल महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की भूमिका प्रदान करेगी।
- शक्ति शर्मा, स्वयं सहायता समूह
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बजट में एमएसएमई सीधी खरीद की बात है। यह कैसे और किस से होगा इसकी विस्तार से जानकारी का इंतजार है। उद्योग के लिए बजट में ज्यादा कुछ खास नहीं है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप के लिए कठुआ औद्योगिक कॉरिडोर हकदार है चूंकि उत्तर भारत के यह सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। केंद्र के बजट में औद्योगिक नीति के तहत सब्सिडी पैकेज के विस्तार और आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद थी लेकिन इसका कोई जिक्र नहीं है। नए उद्योगों के लिए यह बेहद जरूरी था।
संदीप मित्तल, महासचिव कठुआ औद्योगिक इकाई एसोसिएशन
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देश की अर्थव्यवस्था के लिए बजट सही है लेकिन आम लोगों को इसमें इग्नोर किया गया है। इनकम टैक्स स्लैब में कुछ ज्यादा लाभ मध्यम वर्ग को नहीं है। शिक्षा क्षेत्र के लिए ढांचागत विकास और अन्य सुविधाओं को बढ़ाया गया है।
- मंगत राम शर्मा, शिक्षाविद, सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षा अधिकारी
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परिवहन, चिकित्सा, व्यवसाय और कामकाजी महिलाओं के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं। यह बजट ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, किसान, बुनकर और कलाकारों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। दूरदर्शी सोच के साथ विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बजट जम्मू कश्मीर को भी बेहतर तरीके से लाभान्वित करेगा।
- डॉ. भारत भूषण, विधायक
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ढांचागत विकास पर्यटन और महिला सशक्तिकरण को बजट में बढ़ावा दिया गया है। केंद्र सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखा है। कुल मिलाकर अर्थ व्यवस्था और विकास का बजट है जिससे खासकर लखपति दीदी योजना के माध्यम से, बढ़ी हुई पूंजी निवेश और जल मिशन से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
- राजीव जसरोटिया, विधायक
टैक्स में फायदा मिला है। अब 12 लाख की स्लैब तक फायदा मिल गया है। यह कर्मचारी और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा तोहफा है। बजट रेट भी बढ़ा है। हर जिले में महिला हॉस्टल बनने से लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से किसान भी लाभान्वित होंगे। ढांचागत विकास और रोजगार के साथ नए मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ रक्षा बजट बढ़ गया है। यह कुल मिलाकर दूरदर्शी बजट है। स्किल एजूकेश्न के साथ ही उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
- डॉ. रचना, सहायक प्रोफेसर
राजीव जसरोटिया- फोटो : शहर के जीजीआईसी में तैयार बालिका छात्रावास का भवन।
राजीव जसरोटिया- फोटो : शहर के जीजीआईसी में तैयार बालिका छात्रावास का भवन।
राजीव जसरोटिया- फोटो : शहर के जीजीआईसी में तैयार बालिका छात्रावास का भवन।
राजीव जसरोटिया- फोटो : शहर के जीजीआईसी में तैयार बालिका छात्रावास का भवन।
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