कठुआ। उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने शुक्रवार को डीसी कार्यालय परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला और सेक्टोरल अधिकारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। उन्होंने सरकारी योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
यह बैठक उपायुक्त के पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक तंत्र के साथ उनकी पहली औपचारिक बातचीत थी। उन्होंने समावेशी, उत्तरदायी और परिणाम-उन्मुख शासन मॉडल को अपनाने पर बल दिया। इसका उद्देश्य समग्र विकास और प्रभावी जनसेवा सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त ने जवाबदेही, पारदर्शिता, कार्य संस्कृति और दक्षता पर आधारित शासन ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करें ताकि लाभ आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और विभिन्न क्षेत्रों में पहले से हो रहे अच्छे कार्यों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने समन्वित प्रशासनिक प्रयास की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए सभी विभागों से आपसी तालमेल में काम करने, प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करने और विकास कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने का आग्रह किया। जिला कैपेक्स के तहत प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध परियोजना पूर्णता के माध्यम से ठोस परिणाम प्राप्त करने पर बल दिया।
जनसेवा के दौरान सहानुभूतिपूर्ण और सम्मानजनक दृष्टिकोण बनाए रखने के निर्देश भी उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए। बैठक में एडीडीसी कठुआ सुरिंदर मोहन, एडीसी कठुआ विश्वजीत सिंह, एडीसी बसोहली पंकज मंगोत्रा, एडीसी बिलावर विनय खोसला, एसीआर विश्व प्रताप सिंह, एसीडी अखिल सडोत्रा, सीपीओ रंजीत ठाकुर, जीएम डीआईसी मुश्ताक चौधरी, पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, जेपीडीसीएल के कार्यकारी अभियंता सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस तैयारियों की समीक्षा की
स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी विभागों को जिला प्रशासन के निर्देशानुसार समन्वय में कार्य करने को कहा ताकि यह आयोजन गरिमापूर्ण ढंग से मनाया जा सके। बैठक में नशे की समस्या, ''''हर घर तिरंगा'''' अभियान, शिकायत निवारण के लिए जेके समाधान पोर्टल और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जेके सेहत एप के प्रचार-प्रसार जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इससे पूर्व उपायुक्त ने आगामी पांचवीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के दृष्टिगत स्कूल शिक्षा विभाग की उप-विषय पर हितधारकों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 पर सभी हितधारकों से फीडबैक प्राप्त करना था।
उपायुक्त ने नीति के प्रमुख पहलुओं का अध्ययन कर निर्धारित प्रारूप में समय सीमा के भीतर सुझाव प्रस्तुत करने का आग्रह किया ताकि एनईपी-2020 के क्रियान्वयन को पुनः संरचित किया जा सके।