कठुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनी में डॉक्टरों की तरफ से दवा की पर्ची में सरकारी आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। एसडीएम बनी संदीप कुमार ने ब्लॉक मेडिकल अधिकारी बनी को मामले की जांच के निर्देश जारी किए हैं। ऐसी शिकायत है कि डॉक्टर पर्ची पर दवाओं का सॉल्ट लिखने की जगह ब्रांड का नाम लिख रहे हैं।
एसडीएम की ओर से बीएमओ को दिए गए निर्देश के अनुसार 18 जून 2025 को प्रणव शर्मा की तरफ से दी गई एक शिकायत और उसके साथ लगाए गए मरीज की पर्ची के आधार पर यह मामला सामने आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए दवाओं के साल्ट की बजाय ब्रांड का नाम लिख रहे हैं। बीएमओ बनी को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की जांच करें और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करें। साथ ही इसकी जानकारी कार्यालय को भी दें।
ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉक्टर देवराज ने कहा कि दवाओं को ब्रांड के नाम से लिखना नियमों के विरुद्ध है, लेकिन कुछ दवाएं ऐसी होती हैं जिनमें साल्ट के बजाय ट्रेड नाम या प्रोडक्ट लिखना पड़ता है। खासकर कुछ कॉम्बिनेशन मेडिसिन में। उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल में केवल 20 प्रतिशत स्टाफ है जबकि रोज़ाना 200 से अधिक ओपीडी होती हैं। एक मरीज को देखने में औसतन 15 मिनट लगते हैं और डॉक्टरों के पास दिन में केवल 6 घंटे का कार्य समय होता है। इस वजह से डॉक्टरों पर काम का अत्यधिक दबाव रहता है और कभी-कभी ऐसी चूक हो जाती है। हालांकि समय-समय पर सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए जाते हैं कि दवाएं साॅल्ट नाम से ही लिखी जाएं।
डॉ. देवराज ने यह भी बताया कि सीएचसी बनी में कुल 18 डॉक्टरों के पद हैं, जिनमें से 14 पद वर्तमान में रिक्त हैं। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच कार्य करना बड़ी चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत की जांच की जा रही है और यदि कहीं से भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।