कठुआ। कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों की तरफ से पर्यटकों की निर्मम हत्या के बाद से जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में सन्नाटा पसर गया है। लखनपुर में नगर कमेटी की अड्डा पर्ची से लगने वाले अनुमान के अनुसार 70 फीसदी तक वाहनों में कमी आई है। पर्यटन सीजन के दौरान छाई वीरानी का आलम यह है कि यहां की पहचान दाल से बनने वाले बड़े की दुकानें खाली पड़ी हैं। पहले रामबन त्रासदी और अब पहलगाम हमले ने व्यापार को ठप कर दिया है।
कस्बे के दुकानदार चिंतित दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले दिनों में रोजगार पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
दरअसल सड़क मार्ग से जम्मू कश्मीर में आने वाले बहुसंख्यक लोग लखनपुर के रास्ते ही आते हैं। जिसमें आधी संख्या उन पर्यटकों की होती है जो परिवार सहित कश्मीर की खूबसूरती और मौसम का लुत्फ लेने के साथ यहां के धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने के लिए आते हैं। जिसके कारण कस्बे के बाजार में दिन और रात रौनक बनी रहती है। लेकिन पहलगाम में हुई घटना के बाद से यहां सन्नाटा पसर गया है। चंद एक वाहन जो दिखाई दे रहे हैं, वह या तो स्थानीय लोगों के हैं या फिर जम्मू तक का सफर करने वालों के ही दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चार दिन पहले कस्बे में खूब रौनक दिख रही थी। जिसे देखकर लग रहा था कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। रोजगार ठप सा हो गया है। घटना के बाद से कस्बे में पुलिस की सक्रियता भी बढ़ी है। इसके बावजूद लोग जम्मू कश्मीर में नही आ रहे हैं। दिन भर में कोई पर्यटक वाहन दिखाई दे रहा है तो वह आने वालों का नही, बल्कि जम्मू कश्मीर से जाने वालों का ही है।
-
दुकान पर होने वाला प्रतिदिन का रोजगार 70 प्रतिशत से भी कम हो गया है। इसका सीधा अर्थ है कि घटना के बाद से कस्बे में पर्यटकों के आने का सिलसिला इतना कम हो गया है। जो यहां के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय है। अगर इस स्थिति में सुधार न हुआ तो काफी नुकसान होगा।
-अनिल शर्मा, दुकानदार
कस्बे में अगर थोड़ा रोजगार बचा हुआ है तो वह जम्मू कश्मीर से जाने वाले लोगों का ही है। एक दो दिनों में वह लोग भी अपने घरों को लौट जाएंगे। फिर हालात कोरोना महामारी वाले ही हो जाएंगे। जब लोगों को प्रदेश में सामान्य रूप से प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। आतंकवाद ने कश्मीर ही नहीं जम्मू के रोजगार को भी ग्रहण लगाया है।
-जुगल किशोर, दाल बड़े विक्रेता।
रामबन में आई आपदा के बाद ट्रकों की आवाजाही पहले ही काफी कम थी। अब पहलगाम घटना के बाद से कस्बे में आने वाले वाहनों की संख्या में 70 प्रतिशत की कमी आई है। इसका पता म्यूनिसिपल कमेटी के द्वारा वाहनों से लिए जाने वाले प्रवेश शुल्क से पता चल जाता है। यह चिंताजनक है।
-पृथ्वीराज सांगड़ा, कार्यकारी अधिकारी, लखनपुर नगर कमेटी