कठुआ। जिले में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने नियमित किए जाने की मांग को लेकर अपनी हड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच प्रशासन ने 19 पंपिंग स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित कर दी है। वालंटियरों, नियमित स्टाफ और अतिरिक्त व्यवस्था कर पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने का प्रयास करने की तैयारी है। साफ है कि शहर समेत ग्रामीण इलाकों में अब पानी की सप्लाई संगीनों के साए में होगी। जिले की सभी पांच सबडिवीजन में होने वाली इस हड़ताल के कारण अगले 72 घंटे के लिए पेयजल संकट गहरा सकता है। ऐसे में करीब सात लाख की आबादी वाले जिले में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। हड़ताल पर जाने वाले अस्थायी कर्मचारियों के जिला प्रधान गगनदीप सिंह ने बताया कि वह लोग नियमित किए जाने की मांग को लेकर पिछले कई सालों से संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांग को गंभीरता नही लिया है। मौजूदा सरकार ने भी एक बार फिर उनके मामले को लटकाने की नीयत से कमेटी गठित करने करने की बात कही है। जिससे अस्थायी कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ा है। लिहाजा उन्होंने अगले 72 घंटों की काम छोड़ हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया है। जिसमें शामिल उनके सभी 15 सौ साथी शुक्रवार को जम्मू में होने वाले धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे हैं। जहां अगली रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि संभव है कि उनकी हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है।
उधर, अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए जलशक्ति विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है। जहां विभाग के नियमित कर्मचारियों को तैनात कर पानी की सप्लाई को जारी रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, अस्थायी कर्मचारियों द्वारा पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करने की संभावनाओं को देखते हुए सभी पंप स्टेशनों पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे हैं।
इस बारे में जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता गिरधारी लाल गुप्ता ने बताया कि जिले में पेयजल आपूर्ति को बनाए रखने के 371 पंप स्टेशनों की व्यवस्था है, जहां विभाग के नियमित कर्मचारियों को तैनात करते हुए उन्हें पेयजल आपूर्ति को बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में पानी को लेकर कोई संकट नही आएगा। अगर इसके बाद भी कोई दिक्कत आती है तो संबंधित क्षेत्र में टैंकर से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।