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Kathua News: बिना डॉक्टर के स्वास्थ्य केंद्रों में कैसे होगा लोगों का इलाज

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हीरानगर। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार के दावे फिलहाल जमीनी स्तर पर खोखले ही साबित हो रहे हैं। हीरानगर उप मंडल के सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में डॉक्टर के पद वर्षों से खाली हैं लेकिन इन्हें भरने की कोई प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। इसके चलते आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उपमंडल में कल तीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर और चार न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर (एनटीपीएचसी) हैं। कहने को दो न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर उपमंडल में बढ़े हैं जो चड़वाल और दनोह में बनाए गए हैं। पुराने स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद खाली हैं तो नए बने इन स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ ही नहीं है।
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हरियाचक, मढ़ीन और भैइया तीनों प्राइमरी हेल्थ सेंटर में दो-दो एमबीबीएस डॉक्टर के पद हैं लेकिन कहीं एक साल से, कहीं 4 साल से तो कहीं 15 साल से यह पद खाली पड़े हैं।
मढ़ीन गांव के स्थानीय निवासी धर्मपाल कुंडल ने बताया कि प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर करीब एक दर्जन सीमावर्ती गांवों के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा की जिम्मेदारी है। लेकिन यह स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार पड़ा हुआ है। पिछले 15 वर्षों से यहां एमबीबीएस डॉक्टर के पद खाली पड़े हैं। अस्थायी कर्मचारियों के भरोसे यहां काम चल रहा है।
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वहीं इमारत की हालत भी बिल्कुल जर्जर हो चुकी है जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में अब लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार बनी है, उम्मीद है कि सरकार लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाएगी।

चकड़ा निवासी राकेश कुमार ने कहा कि उनके गांव में न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर बना हुआ है लेकिन दो डॉक्टरों के पद होने के बावजूद एक की भी सुविधा नहीं मिल रही है। लंबे समय से लोग इस परेशानी को झेल रहे हैं और उन्हें उम्मीद थी कि अब सरकार बनने के बाद कुछ व्यवस्था बदलेगी, लेकिन अभी तक कुछ ऐसा नहीं हुआ है।

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कोट
चड़वाल और दनोह में न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर बनने से उप मंडल में इनकी संख्या चार हो गई है जबकि प्राइमरी हेल्थ सेंटर तीन है। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी की जानकारी पहले से ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। उम्मीद है कि सरकार विभाग की तरफ से मिलने वाली फीडबैक पर जल्द काम शुरू करेगी।
-स्वामी शरण, बीएमओ।
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स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा में जोर शोर से उठाया है। इसमें अस्पतालों में डॉक्टर, कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की कमी से लोगों को हो रही परेशानी की जानकारी विधानसभा में रखी। अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जहां तक जदोजहद करनी पड़ी तो करेंगे, लेकिन व्यवस्था बेहतर होने तक चैन से नहीं बैठेंगे। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों से भी बात की है, जल्द इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
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-विजय शर्मा, विधायक।
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