बिलावर। माघ पूर्णिमा पर लोगों ने इलाके की पवित्र नदियों में स्नान किया। गुरु नाल में स्थित गुप्त गंगा में काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्नान किया और पुण्य के भागीदार बने। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि ज्योतिष के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में किया गया स्नान और दान विशेष फल देता है। इस दिन सच्चे भाव से पूजा पाठ करने और पवित्र नदियों में डुबकी लगाने से सूर्य और चंद्रमा के दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं इसलिए गंगा स्नान को बहुत शुभ माना जाता है।
उन्होंने बताया कि मान्यता है कि इस दिन देवी देवता भी गंगा में स्नान करने के लिए धरती पर आते हैं। इसलिए माघ पूर्णिमा को बेहद पवित्र और अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के मुताबिक माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। इसलिए इस दिन जल में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर गंगा स्नान संभव न हो तो घर में पानी में गंगाजल मिलकर नहाना भी उतना ही फलदायी ही माना जाता है। इस अवसर पर इलाके के कई लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान भी किए और जगह-जगह भंडारों का भी आयोजन किया गया।