कठुआ। शहर के वार्ड 17 में स्थानीय महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया। मामला इतना बढ़ गया कि महिला पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में इलाके में स्मार्ट लगाने का काम शुरू हुआ।
वीरवार को जैसे ही टीम वार्ड 17 में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी शुरू कर दी है। हालात को देखते हुए बिजली विभाग की टीम ने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंची पुलिस के कड़े तेवर देख विरोध करने वाले लोग हटने लगे। इसके बाद वहां स्मार्ट मीटर लगाने का का शुरू हो गया।
प्रदर्शन में शामिल रेखा देवी ने कहा कि वार्ड में रहने वाले ज्यादातर लोग मजदूरी के पेशे से हैं जो दिन का अधिकतम पांच सौ रुपये तक कमाते हैं। उनके लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना पहले ही मुश्किल हो रहा है। अब स्मार्ट मीटर भी उनकी जेब काटने के लिए लगाए जा रहे हैं। सरकार राहत के नाम पर उन्हें जो एक किलो चावल और चार किलो गेहूं उपलब्ध करवा रही है। उससे चार गुना ज्यादा लूट करने लिए स्मार्ट मीटर की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, शम्मी कुमार ने कहा कि सरकार पहले लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा दे, उसके बाद वह स्मार्ट मीटर लगाए। क्योंकि उनके मोहल्ले में रहने वाले 70 प्रतिशत परिवार ऐसे हैं, जिन्हाेंने कड़ी मशक्कत कर अपने बच्चों की शिक्षा इस आशा के साथ पूरी करवाई थी कि उनके बच्चे उनकी जिम्मेदारियों को कम करने में मदद दे पाएंगे। लेकिन शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं के पास आज भी रोजगार नही है। दरबदर होने वाले ऐसे युवा अपने घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटर की रीडिंग के आधार पर मिलने वाले बिजली के बिलाें का भुगतान किस प्रकार करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पहले युवाओं को रोजगार देकर समृद्ध बनाए, उसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई शुरू करे।
बता दें कि गत 7 जनवरी को भी विभाग की टीम जब इस वार्ड में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए आई थी तब स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध करते हुए टीम को लौटने के लिए मजबूर कर दिया था