कठुआ। जिला भर में हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाए जा रहे 30 विषयों में से छह ऐसे हैं, जिनमें 50 फीसदी से ज्यादा लेक्चरर के पद खाली पड़े हुए हैं। 648 पदों में से 267 रिक्त हैं।
लंबे समय से रिक्त पड़े लेक्चरर के पदों के चलते न केवल इन विषयों के विद्यार्थी पिछड़ रहे हैं, बल्कि इसका सबसे ज्यादा नुकसान जिले के पहाड़ी छह शिक्षा जोन उठा रहे हैं। जहां सबसे ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं।
बता दें कि जिन छह विषयों में 50 फीसदी से ज्यादा लेक्चरर के पद रिक्त पड़े हैं उनमें से अंग्रेजी, हिंदी, शिक्षा, राजनीतिक विज्ञान, संस्कृति और उर्दू के विषय शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार शिक्षा विषय के 51 मंजूर पदों में से सिर्फ 15 ही भरे हुए हैं, जबकि 70 फीसदी रिक्त हैं। वहीं, अंग्रेजी के 58 पदों में से 28 रिक्त पड़े हुए हैं। हिंदी के 47 पदों में से 23, राजनीति विज्ञान के 40 में से 20, संस्कृति के 11 में से 9 और उर्दू के 19 में से 11 लेक्चरर के पद रिक्त पड़े हुए हैं।
जिले भर में सभी तीस विषयों के लिए कुल 648 लेक्चरर पदों को मंजूर किया गया है। इसमें से 267 पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार 150 से ज्यादा पद सिर्फ पहाड़ी छह शिक्षा जोनों में रिक्त पड़े हुए हैं, जिनको भरने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रयास न के मात्र साबित हो रहे हैं। हाल ही में इन खाली पड़े रिक्त पदों पर विभाग की ओर से मल्हार, बनी, बसोहली, भडू, महानपुर और बिलावर में शिक्षकों के युक्तीकरण के तहत 99 क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डीनेटर को अस्थायी तौर पर 25 हजार महीने के वेतन पर लगाया गया है, जोकि फिर भी पर्याप्त साबित नही हो पा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर को उस समय लगाया गया है जब आधे से ज्यादा साल बीत चुका है। ऐसे में अंतिम परीक्षा के लिए बचे चार महीनों में सालभर का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होगा। यह विचारने का विषय है।
जिले में इन विषयों के लेक्चरर के पद खाली
वनस्पति विज्ञान-20, रसायन विज्ञान-3, कंप्यूटर विज्ञान-2, वाणिज्य-5, डोगरी-6, अर्थशास्त्र-25, शिक्षा-36, अंग्रेजी-28, ईवीएस-3, भूगोल-4, भूविज्ञान-3, हिंदी-23, इतिहास-10, आईपी/आईटी-2, गणित-17, संगीत-1, फारसी-1, दर्शनशास्त्र-1, भौतिक विज्ञान-2, राजनीति विज्ञान-20, मनोविज्ञान-2, पंजाबी-4, संस्कृत-9, समाजशास्त्र-5, आशुलिपि-2, सांख्यिकी-4, जैव प्रौद्योगिकी-1 और उर्दू-11
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क्या कहते है शिक्षा अधिकारी
उप-शिक्षा अधिकारी चमनलाल के अनुसार पहाड़ी छह शिक्षा जोन के 12 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में 60 फीसदी मंजूर पद खाली पड़े हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा पद प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित, शिक्षा और अर्थशास्त्र में लेक्चरर के मंजूर पद खाली पड़े हुए हैं। लगभग 12 हायर सेकेंडरी स्कूल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिसको भरने के लिए समय-समय पर उच्च अधिकारियों के माध्यम से सरकार को अवगत करवा चुके हैं।