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सभी को ईश्वर भक्ति का समान अधिकार : स्वामी राम स्वरूप

Sun, 10 May 2026 01:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। परमेश्वर की उपासना करने का अधिकार सभी नर-नारियों को समान रूप से है । यह विचार स्वामी रामस्वरूप योगाचार्य ने वेद मंदिर में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 28वें दिन व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि परमेश्वर स्वयं उपदेश देते हैं कि वह सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक और समस्त मानव जाति के लिए समान रूप से पूजनीय हैं। आज समाज में कई ऐसे नियम बना दिए गए हैं जिनमें कुछ लोगों को ईश्वर भक्ति से दूर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को वेदों का ज्ञान सुनना, उस पर विचार करना और उसे जीवन में अपनाना चाहिए। उपनिषदों में इसे श्रवण, मनन और निदिध्यासन कहा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वेदों का ज्ञान सुनना चाहिए।
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स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य को वेद सुनना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। वेदों के अर्थ को समझकर उस पर विचार करना मनन है और उस ज्ञान को जीवन में उतारना निदिध्यासन कहलाता है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए बताया कि यक्ष के पूछे गए प्रश्न के उत्तर में युधिष्ठिर ने कहा था कि महापुरुष जिस मार्ग पर चलते हैं वही श्रेष्ठ मार्ग है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि और महापुरुष वेद मार्ग पर चलकर ही मोक्ष प्राप्त करते थे और आज भी वही मार्ग मानव कल्याण का सच्चा मार्ग है।
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