सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी कर्मचारियों ने ठप रखा कामकाज
आपात सेवाएं सुचारु, ओपीडी रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। ढाई दिन का वेतन रोके जाने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इससे जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। बुधवार को जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल के पंजीकरण ब्लॉक में दर्जनों कर्मचारी एकत्र हुए और नारेबाजी कर रोष जताया। इसी तरह से सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा। केवल आपात सेवाएं ही जारी रही।
कठुआ में प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों में शामिल अंकित उप्पल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार के वित्त विभाग ने जनवरी माह में वेतन रोकने पर विचार करने की बात कही थी, लेकिन प्रशासन ने इसे मार्च से लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने इसे उनके अधिकार का हनन माना है क्योंकि आश्वयक सेवा के दायरे में अगर उन्हें रखा जा रहा है तो इसके एवज में ढाई दिन का मिलने वाला वेतन उनका अधिकार है।
कर्मचारियों ने अपनी इस बात को स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों, प्रशासन सहित स्वास्थ्यमंत्री तक पहुंचाया है। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने इस मुद्दे पर सात दिनों में रिपोर्ट देने वाली कमेटी बनाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक निर्णय नहीं हुआ। हैरानी की बात है कि उपमुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें समस्या की जानकारी नहीं है। यह सीधे तौर जम्मू-कश्मीर के लाेगों के प्रति सरकार के गंभीर न होना है।
नीरज मलागर ने स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में की जाने वाली कटौती का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले उनके काम करने के घंटों में वृद्धि की गई और वेतन काटा जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसके खिलाफ शुरू हुआ संघर्ष आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। इसमें जम्मू कश्मीर के पांच नए मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भर्ती नीति मांग की जाएगी।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में दूसरे दिन भी ओपीडी सेवा पूरी तरह से ठप रही। इससे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों की सुविधा को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखा गया लेकिन हर रोज हजारों की संख्या में उपचार के लिए आने वाले मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपब्धता से परेशान रहे।
कोट
जनहित से जुड़े मसलों को लेकर सरकार लापरवाह है। जीएमसी कठुआ में दो दिन से हड़ताल के चलते हजारों मरीज दरबदर हो रहे हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों की मांग जायज है उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
- सुदेश कुमार भंडारी, पीडीपी नेता