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Kathua News: मंदिर मार्गों पर अव्यवस्था, सुरक्षा पर संकट

Mon, 23 Mar 2026 01:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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माता बाला सुंदरी के मंदिर मार्ग पर यातायात के नियमों की अवहेलना कर लोड कैरियर से भवन की ओर जाते
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बिलावर के माता बाला सुंदरी मंदिर का मार्ग सबसे अधिक बदहाल
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कठेरा से कुमरी तक सड़क पूरी तरह बंद, खड्ड से होकर गुजर रहे वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। मंदिर मार्गों पर अव्यवस्था का आलम होने के कारण श्रद्धालुओं की जान पर संकट मंडरा रहा है। बिलावर के माता बाला सुंदरी मंदिर मार्ग पर हालात सबसे खराब हैं। 26 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पिछले साल बाढ़ के कारण चार पुलियों को नुकसान पहुंचा था। मरम्मत कार्य अधूरा होने के कारण कठेरा से कुमरी तक सड़क पूरी तरह बंद है। नतीजतन वाहन खड्ड से होकर गुजर रहे हैं।
इस असुरक्षित रास्ते पर ई-रिक्शा और लोड कैरियर वाहनों में ओवरलोड श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है। खस्ताहाल मार्ग और ओवरलोड वाहनों के कारण हर रोज दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। चैत्र नवरात्र के चलते जिले के देवी मंदिरों में भवन तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। इस आस्था के बीच मंदिर मार्गों पर यातायात की स्थिति बेहद चिंताजनक है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नाममात्र की है। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। प्रशासन ने नवरात्र से पहले सभी विभागों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए थे लेकिन इन निर्देशों का पालन कहीं नजर नहीं आ रहा।
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श्रद्धालु ओम प्रकाश ने कहा कि हर रोज इस रास्ते में श्रद्धालुओं को अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। वहीं संजय पाल ने रोष जताते हुए कहा कि ओवरलोड वाहनों में बैठकर खड्ड से गुजरना किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।

बता दें कि ओवरलोडिंग एक बहुआयामी खतरा है। ओवरलोडिंग केवल यात्री वाहनों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके कई गंभीर पहलू हैं। इसमें कई बार क्षमता से अधिक भार होने पर वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे पलटने या नियंत्रण खोने का डर रहता है। अधिक वजन के कारण ब्रेक पर दबाव बढ़ता है और आपात स्थिति में वे सही से काम नहीं कर पाते। इंजन और टायर पर अतिरिक्त दबाव से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है और ईंधन की खपत भी ज्यादा होती है।

मंदिर मार्गों पर हो रही यह अव्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सीधा संकट है। यदि हालात पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घट सकती है। आस्था के इस पर्व पर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है लेकिन उनकी निष्क्रियता लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
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कोट

नवरात्र के दौरान सड़क परिवहन को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कठुआ के मुखर्जी चौक में आशापूर्णी माता मंदिर, नगरी स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, जसरोटा स्थित काली माता मंदिर और बिलावर स्थित माता बाला सुंदरी के यात्रा मार्ग पर टैफिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। कठुआ से माता बाला सुंदरी को जाने वाला मार्ग काफी लंबा है वहां हर प्वाइंट पर जवानों की तैनाती संभव नहीं है। लोगों को खुद भी ओवरलोड वाहनों में सफर करने परहेज करना चाहिए। यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों की जांच करवाई जाएगी।

- राकेश शर्मा, डीटीआई कठुआ
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