कठुआ। हीरानगर के जसमेरगढ़ किले स्थित काली माता मंदिर के चढ़ावे का सही उपयोग न होने के मामले में संत समाज के बाद अब आम लोग भी महंत कृष्णानंद सरस्वती का समर्थन करने के लिए सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को मढ़ीन क्षेत्र के सांझी मोड़ में स्थानीय लोगों ने हीरानगर किले के महंत के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई।
पत्रकारवार्ता में शामिल वरिष्ठ नागरिक तिलक राज ने बताया कि बीते दिनों महंत कृष्णानंद सरस्वती पर कुछ आरोप लगाए गए थे जिसके बाद संत समाज ने किले वाली माता मंदिर, हीरानगर में एक बैठक कर इन आरोपों को निराधार बताया था। इसी क्रम में अब सांझी मोड़ के लोगों ने भी प्रेस वार्ता के माध्यम से महंत का समर्थन कर रहे है। उनका कहना है कि महंत कृष्णानंद सरस्वती एक साफ-सुथरी छवि के व्यक्ति हैं और उनके प्रयासों से ही किले वाला मंदिर आज एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बन पाया है। उनका कहना था कि महंत के आने से पहले यह स्थान सुनसान और जंगल जैसा था, जहां कोई भी नहीं जाता था लेकिन अब यह जगह एक प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुकी है जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
प्रेसवार्ता में शामिल अन्य लोगों ने आरोप लगाया गया कि इस पूरे मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने हीरानगर के विधायक विजय कुमार शर्मा की ओर से मंदिर को प्रशासनिक देखरेख में लेने के सुझाव की भी आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए महंत के सम्मान और धार्मिक परंपराओं की रक्षा करने की अपील की है।