बनी के मैदानी इलाकों में बारिश ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी
ओलावृष्टि अधिक हुई तो फलदार पौधों को हो सकता है नुकसान
छह साल बाद मार्च महीने में हुई बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी के मैदानी इलाकों में बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी से मौसम सुहाना हो गया। सरथल में ताजा बर्फबारी से मौसम ठंडा हो गया। बर्फबारी और फिसलन के कारण बनी-भद्रवाह मार्ग बंद हो गया है। इससे पहले मार्च महीने में बर्फबारी साल 2019 में देखने को मिली थी। छह साल बाद मार्च महीने में बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह है।
क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेने के बाद क्षेत्र में ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई और ठंड में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। वहीं बनी के ऊपरी कुछ हिस्सों में हल्की ओलावृष्टि हुई जिससे मौसम का असर और अधिक महसूस किया गया। कृषि विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यदि ऊपरी इलाकों में ओलावृष्टि अधिक होती है तो फसल और फलदार पौधों को नुकसान हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि इस बारिश से न केवल रबी की फसलों को लाभ होगा बल्कि खेतों में नमी बढ़ने से आने वाली खरीफ की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित होगी।कोट
सड़क पर फिसलन बढ़ने के चलते यातायात बंद है। मौसम साफ होने पर सड़क की स्थिति सामान्य होगी। इसके बाद मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
- संदीप, अधिकारी बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन
बर्फबारी देखकर बेहद खुश हूं। बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि इस समय बर्फबारी देखने को मिलेगी लेकिन अचानक हुए इस बदलाव ने यात्रा को और भी यादगार बना दिया है।
विक्रम सिंह, पर्यटक
रात से ही मौसम में गिरावट देखने को मिली और ठंड भी बढ़ गई। सुबह हल्की बारिश शुरू हुई थी जो दोपहर होते-होते तेज बारिश में बदल गई ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी देखने को मिली।
जसवंत, स्थानीय निवासी
कोट
हल्की बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है जो रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। सरसों की फसल इस समय पॉड फॉर्मेशन (पौधों में दाने बनने की प्रक्रिया) चरण में है। पिछले कुछ समय से सरसों की फसल पर मस्टर्ड एफिड का हमला देखा जा रहा था लेकिन बारिश के बाद इसका प्रकोप कम होने की संभावना है जिससे सरसों की फसल को राहत मिलेगी।
- सुरिंदर कुमार, कृषि अधिकारी