कठुआ, जम्मू कश्मीर के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य पंजाब व हिमाचल प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हर वर्ष की तरह जसरोटा किला स्थित बाबा कालीवीर के देवस्थान पर जसरोटिया राजवंश की वार्षिक मेल का आयोजन किया। जसरोटिया सनातन सभा की ओर आयोजित मेल में कठुआ के अलावा जम्मू कश्मीर के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य पंजाब व हिमाचल प्रदेश से आए हजारों लोगों ने कुलदेवता के मंदिर में शीश झुका कर अपने परिवार को सुख समृद्धि की कामना की।
रविवार को राजवंश की मेल के चलो देवस्थान पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोग कतारों में लगकर कुल देवता के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इसके बावजूद सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए बिरादरी वी सदस्यों ने कुल देवता का दर्शन कर सौभाग्य प्राप्त किया। इसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में राजवंश के अंतिम राजा भूरी सिंह के परिवार के सदस्य सुरेंद्र सिंह जसरोटिया मुख्य रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विधायक जसरोटा राजीव जसरोटिया विधायक कठुआ डॉ. भारत भूषण सहित कई अन्य गण्यमान्य भी शामिल हुए जिनका सभा के सदस्यों ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया और अतिथियों की उपस्थिति में कुलदेवता के वार्षिक कैलेंडर को जारी किया गया।
कार्यक्रम में सुबह सबसे पहले ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत शनिबार से शुरू हुए श्री रामचरितमानस पाठ का भोग और हवन यज्ञ किया गया। इसकी बाद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए भक्तों द्वारा कुल के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया जो शाम करीब 5 बजे तक अनवरत चलता रहा। मंदिर परिसर में इस दौरान कुल देवता के भक्त मेहर सिंह द्वारा पेश किए जा रहे भजनों पर वहां उपस्थित श्रद्धालु झूमते रहे। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में बिरादरी के सदस्यों ने जसरोटिया राजवंश के महान इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बिरादरी के सभी सदस्यों से अपने महान पूर्वजों की परंपरा का अनुसरण करते हुए रहने की अपील की।
विधायक राजीव जसरोटिया ने बिरादरी के सदस्यों को अपनी संस्कृति और धरोहरों का रखरखाव खुद करने के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने कुल देवता के मंदिर तक पक्की सड़क के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि जसरोटा राजवंश के खंडहरों को संरक्षित करने के लिए वह प्रयास करेंगे।
इस मौके पर जसरोटिया सनातन धर्म सभा के प्रधान रघुनंदन सिंह बबलू ने बताया कि 25 पीढि़यों तक इस इलाके में राज चलाने वाले जसराेटिया राजवंश के जमाने में समाज के हर तबके के उत्थान के लिए हमारे राजाओं ने लगातार प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राजवंश के आखिरी राजा भूरी सिंह का राज्य समाप्त होने के बाद बिरादरी के सदस्य जम्मू कश्मीर के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पंजाच और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानी पर अलग-अलग जाकर बस गए और जिससे हमारा आपसी संपर्क काफी कम हो गया था। वर्ष 1992 में इस वार्षिक मेल की परंपरा को दोबारा शुरू किया गया। कार्यक्रम के अंत में बिरादरी का नाम रोशन करने वाले सदस्यों को जसरोटिया सनातन धर्म सभा द्वारा सम्मानित किया गया।
वार्षिक मेल में कुलदेव बाबा कालीवीर का आर्शवाद लेते विधायक राजीव जसरोटिया। संवाद