सिंचाई के पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते लोगजागरूक पाठक
किसानों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में लगातार बदलते मौसम और सूखती फसल को लेकर किसानों का रोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार को हरदो मुट्ठी गांव में दर्जनों किसान एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए प्रशासन से नहर में पानी आपूर्ति शुरू करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर पानी उपलब्ध नहीं कराया तो इलाके में लगी हजारों कनाल गेहूं की फसल बर्बाद होकर केवल घास का ढेर बन जाएगी।
प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने पहुंचे पूर्व बीडीसी अध्यक्ष बृजेश्वर सिंह इंदू ने कहा कि पहले भी किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला था और पानी की समस्या उठाई थी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है लेकिन हकीकत यह है कि डीजल, खाद और बीज महंगे हैं जबकि किसानों की उपज सस्ती बिकती है। ऐसे में किसानों की आय दोगुनी होना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि हर साल यही समस्या क्यों दोहराई जाती है और किसानों को पानी के लिए क्यों तरसना पड़ता है।
सुदर्शन खजूरिया ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए तुरंत पानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने परंपरा बना ली है कि अप्रैल महीने में ही पानी छोड़ा जाएगा, लेकिन इस बार बारिश न होने के कारण अभी पानी की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो किसानों का आंदोलन और तेज होगा।
किसानों ने कहा कि उनकी फसलें सूखने के कगार पर हैं और यदि जल्द पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे। किसानों का प्रदर्शन प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कठुआ में किसान आंदोलन और उग्र हो सकता है।