इलाके में तलाशी अभियान चलाते सुरक्षाबल।
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बिलावर/कठुआ। कोहग गांव में रविवार को सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गांव के बाजार 12 बजे बंद करवा दिए गए, जो रात तक बंद रहे।
संयुक्त तलाशी अभियान में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने इलाके का चप्पा-चप्पा खंगाला, लेकिन शाम 6:00 बजे तक चलाए गए अभियान में सुरक्षाबलों को कामयाबी नहीं मिली। वहीं कठुआ के राजबाग के महानाल से सटे इलाके में भी शाम के बाद संदिग्ध दिखने पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान इलाके की घेराबंदी की गई।
सूत्रों के अनुसार कोहग इलाके में संदिग्ध दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद रविवार दोपहर 12:30 बजे सुरक्षा बलों ने गांव में सगन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ड्रोन की मदद भी ली गई और हेलीकॉप्टर के माध्यम से पैरा कमांडोज को भी इलाके में उतारा गया। दोपहर 1:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक तलाशी अभियान लगातार जारी रहा। इस दौरान कोहग गांव के मुख्य बाजार की सभी दुकानों को बंद करवा दिया गया, जिससे कोहग और आसपास से सटे इलाकों में तनाव की स्थिति बनी रही।
बता दें कि कोहग से सटे इलाकों में पिछले कई महीनों से आंतकी गतिविधियां हुई हैं। पिछले साल सितंबर में इसी इलाके से सटे धनु परोल इलाके मे आतंकवादियों की सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस के एक जवान ने शहादत पाई थी, वहीं सुरक्षाबलों ने एक आंतकी को ढेर किया था।
भीनी, उज्ज दरिया आदि नदी नालों मे सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुफैन इलाके में मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्य मार्गों के साथ-साथ लिंक मार्गों पर आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि उपमंडल के इलाकों में पिछले 6 महीनों से आतंकवादी गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके कारण लोगों में दहशत है। सूत्रों के अनुसार सुफैन इलाके में पांच आतंकवादी देखे गए थे, जिनमें से सुरक्षा बलों ने दो को ढेर कर दिया। अन्य तीन आतंकवादियों का कोई भी पता नहीं चल पाया है इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर बिलावर के इलाके की ओर रुख कर गए हों।