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Kathua News: आखिरी जुमे पर मांगी अमन चैन और भाईचारे की दुआ

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कठुआ। रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को नमाजे अलविदा का आयोजन किया गया। शहर के पारलीवंड स्थित जामा मस्जिद में आयोजित नमाज में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अमन शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। वहीं इस दौरान नमाजियों ने हाथों में काली पट्टी बांध कर वक्फ संशोधन विधेयक पर विरोध भी दर्ज करवाया।
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आखिरी जुमे की नमाज को लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान बड़ी संख्या में मस्जिद पहुंचे लोगों ने मौलाना जकी की अगुवाई में नमाज अदा की। सामूहिक नमाज के दौरान मौलाना ने लोगों को नेकी के रास्ते पर चलने और गरीबों जरूरतमंदों व अपने आस-पड़ोस के लोगों की हमेशा मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हमें एक दूसरे के साथ अपनी खुशियां और गम बांटने की जरूरत है क्योंकि इससे ही हम एक दूसरे का सहारा बन सकते हैं।
इस मौके पर मुस्लिम कमेटी के मास्टर सदीक ने बताया कि पूरे रमजान माह के दौरान हर रोजेदार पांचों वक्त की नमाज को अदा करता है लेकिन आखिरी जुमे की नमाज विशेष है क्योंकि इसी नमाज के दौरान वह अपने बुरे कामों को माफ करने की खुदा से फरियाद करता है। उन्होंने बताया कि इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार अलविदा जुमे की नमाज में लोग सच्चे दिल से दुआ मांगते हैं, वह कुबूल हो जाती है। इस्लामिक विचारधारा के अनुसार पैगंबर मोहम्मद ने शुक्रवार को खास दिन बताया है। उनके मुताबिक हफ्ते के सारे दिनों के बीच शुक्रवार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और खास माना जाता है, इसलिए अगर इस दिन कोई कुरान पढ़ता है और इबादत करता है तो अल्लाह उसकी रखवाली करते हैं। नमाज अदा करने से अल्लाह उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी करता है।
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