फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: कर्नल व बेटे की पिटाई के खिलाफ प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। गत 14 मार्च को पंजाब के पटियाला में सेना के कर्नल और उसके बेटे के साथ पंजाब पुलिस की तरफ से की गई बर्बर पिटाई पर पूर्व सैनिकों ने कड़ा रोष जताया है। वीरवार को शहर के कॉलेज रोड पर जमा हुए पूर्व सैनिकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने सरकार से ऐसे कृत्य काे अंजाम देने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर एक्स सर्विस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में पूरे देश में सेना के जवानों, अधिकारियों और सेवानिवृत्ति कर्मचारी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार के मामले सामने आ रहे हैं। जिस पर अंकुश अब तक नहीं लग पाया है। वहीं, अब पटियाला में हुई घटना भारत की सेना पर हमला कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं अगर भविष्य में जारी रहती हैं तो इससे सेना के मनोबल में कमी आएगी। क्योंकि ऐसा दृश्य देखने के बाद सेना के जवानों को ऐसा लग सकता है कि जिस देश में उनके अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं वहां जवान की सुरक्षा कैसे संभव है। इस तरह की घटनाएं देश विरोधी तत्वों की साजिश का हिस्सा भी हो सकती है जो ऐसे कृत्य करके भारत की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। लिहाजा उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के उपरांत एसोसिएशन की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर विचार किया गया। पटेल नगर से जीएमसी जाने वाले गेट को न खोले जाने पर चिंता जताई। पठानिया ने प्रशासन से इस पर संज्ञान लेने की बात कही।
विज्ञापन

वहीं, एसोसिएशन के उपचेयरमैन बलबीर सिंह जसरोटिया ने पूर्व सैनिकों की चिकित्सा सेवा (ईसीएचएस) को लेकर आ रही समस्याओं को उठाते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सहयोग से चलने वाली इस स्वास्थ्य सेवा को लेकर जिस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं। उससे इसके लाभार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कठुआ स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक को एक छोटे अस्पताल में तब्दील किए जाने की मांग की। ताकि छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए लाभार्थियों को पठानकोट मिलिट्री हॉस्पिटल या कहीं अन्य न जाना पड़े। इस मौके पर रतन वर्मा, जाट राम शर्मा, बलराम सिंह, सुखराम, कमल सिंह, रमेश चंद्र आदि पूर्व सैनिक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें