कठुआ। भारतीय न्यायप्रणाली के तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता के लिए जिला पुलिस की ओर से बसोहली के एक निजी स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर एसडीपीओ बसोहली सुरेश शर्मा ने स्कूल के विद्यार्थियों के साथ संवाद में तीन नए आपराधिक कानूनों, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) विभिन्न आपराधिक अपराधों और उनकी सज़ाओं को स्पष्ट करती है और अपराधों से जुड़े प्रावधानों को एकीकृत और संशोधित करती है। इस कानून का उद्देश्य अपराधों के लिए दंड और सज़ाओं के नए दृष्टिकोण प्रदान करना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) जांच, गिरफ्तारी, न्यायिक प्रक्रिया और हिरासत के लिए प्रक्रिया निर्धारित करती है और आपराधिक प्रक्रिया से संबंधित कानून को एकीकृत और संशोधित करती है। इस कानून का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी प्रशासन को सुनिश्चित करना है।
वहीं, भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) न्यायालयों में साक्ष्य की स्वीकृति और प्रस्तुति के नियम निर्धारित करता है और निष्पक्ष परीक्षण के लिए साक्ष्य के सामान्य नियम और सिद्धांत प्रदान करता है। इस कानून का उद्देश्य साक्ष्य के नियमों को आधुनिक और सरल बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर और डिजिटल साक्ष्य जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।