कठुआ। अच्छी बारिश से बेहतर उपज की आस लगाए किसानों को इस बार भी मायूसी हाथ लगने वाली है। दरअसल शहर के निचले इलाके में किसानों द्वारा लगाई गई अर्ली वेरायटी का धान तैयार हो चुका है, जिसकी किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर शुरू हुई कटाई के नवरात्र बीतने के बाद तेजी आने की संभावना है। अभी तक धान खरीद केंद्रों में कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे परेशान किसानों ने औने-पौने दामों पर अपनी फसल को निजी डीलरों को बेचना शुरू कर दिया।
जिले के कुछ इलाकों में करीब 15 दिन पहले खरीफ की मुख्य फसल धान की कटाई शुरू हो चुकी है और किसान पैदावार को समेटने में जुटे हुए हैं। रोजाना मौसम के बदलते रुख से किसानों में अपनी पूरे सीजन की मेहनत को बचाने के लिए चिंता देखी जा सकती है। वहीं काटी गई फसल को बेचने के लिए मंडियां नहीं खुलने से किसानों को अपनी उपज को निजी व्यापारियों को समर्थन मूल्य से कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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23 सौ रुपये क्विंटल है इस बार धान की कीमत
जिले में लगभग 29 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की जाती है और लगभग 10 लाख क्विंटल धान की पैदावार होती है। गत वर्ष खोल गई मंडियों में 49 हजार क्विंटल धान की खरीद ही हो पाई थी। इसके चलते लगभग दो सप्ताह पूर्व किसान संगठनों की मांग पर जिला प्रशासन ने पहल करते हुए एफसीआई, कृषि विभाग से संयुक्त बैठक कर जिले में 11 मंडियां खोलने का प्रस्ताव भेजा था। हफ्ते भर में प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेकर 1 अक्तूबर से मंडियों को चालू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंडियों को खोले जाने में हो रही देरी से एक बार फिर किसानों को फसल बेचने को निजी व्यापारियों का रुख करना पड़ रहा है।
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मौजूदा समय में किसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार फसल को बेच रहा है। सरकारी खरीद केंद्र न शुरू होने से फसल को मजबूरन निजी डीलरों को उनकी मर्जी के रेट पर देना पड़ रहा है। जहां किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से 5 सौ रुपये प्रति क्विंटल कम दिया जा रहा है। अगर खरीद केंद्रों को खुलने में कुछ दिन और लगे तो इलाके की 50 प्रतिशत फसल निजी डीलर ही ले जाएंगे।
-राकेश कुमार, किसान, कठुआ।
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धान खरीद केंद्र न खुलने के कारण किसानों को अपनी फसल को निजी डीलरों को उनके द्वारा तय रेट पर ही बेचना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगी धान की फसल में अभी मात्र 30 प्रतिशत कटाई हुई है। आने वाले दिनों में जब कटाई का काम और तेज होगा तो यह आंकड़ा और आगे बढ़ेगा। इसमें सिर्फ किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ेगा।
-जरनैल सिंह, किसान भागथली कठुआ।
जिले में किसानों की सुविधा के लिए खोले जाने वाले सभी 11 धान खरीद केंद्रों पर विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। मंडी की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब अगली कार्यवाही एफसीआई ने करनी है। जहां तक खरीद का प्रश्न है अगर इसी सप्ताह से खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो किसी तरह से कोई नुकसान नही होगा।
-संजीव राय गुप्ता, जिला मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ।