हीरानगर। डिंगा अंब तहसील के मंगलूर गांव में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के समापन के बाद तीन दिवसीय धार्मिक सम्मेलन शुरू हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और लोग शामिल हुए। प्रवचन, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक चर्चा से विद्वानों ने भक्ति और अध्यात्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
अमित शास्त्री ने सत्संग का महत्व बताते हुए कहा कि धर्म और आध्यात्मिकता समाज को एकत्रित करने की शक्ति रखते हैं। इसलिए इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत, रामायण और अन्य धार्मिक ग्रंथों के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उपस्थित लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान संतों ने भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना दिया।इस मौके पर भंडारा भी लगाया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।