कठुआ। पुंछ से लेकर कठुआ के बदनोता, रियासी से लेकर बसंगतगढ़, डोडा, छत्रगलां और गंदोह को घुसपैठ कर आए आतंकियों ने अपना गढ़ बना लिया है। जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर पहाड़ी ढोक तक आतंकियों का एक बड़ा मददगार नेटवर्क भी तैयार हो गया। कुछ लोगों ने जानबूझकर तो कुछ ने अनजाने में आतंकियों की मदद की। फिलहाल इसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। बड़ी बात यह निकलकर सामने आई है कि जम्मू संभाग में सुरक्षाबलों की कमी और सुरक्षा एजेंसियों की ह्यूमन इंटेलिजेंस में कमी से आतंकी अपने नापाक मंसूबे में कामयाब रहे। बदनोता हमले से कई महीने पहले ही आतंकियों की मौजूदगी को लेकर सूचनाएं सामने आती रही हैं। इसके अलावा उधमपुर, कठुआ और डोडा जिले की सरहद में आतंकी सुरक्षाबलों को गच्चा देने के लिए अपनी लोकेशन बदलते रहे हैं। बदनोता हमले के बाद बड़े पैमाने पर हुई सुरक्षाबलों की तैनाती के बाद भी आतंकी जंगलों में छिपे हैं।